कर्नाटक कांग्रेस संकट पर खड़गे का ऐलान: सोनिया-राहुल के साथ मिलकर सुलझाएंगे विवाद, हाईकमान लेगा अंतिम फैसला
कर्नाटक कांग्रेस संकट पर खड़गे का ऐलान: सोनिया-राहुल के साथ मिलकर सुलझाएंगे विवाद, हाईकमान लेगा अंतिम फैसला
कर्नाटक में कांग्रेस की सबसे बड़ी सरकार पर मंडरा रहे संकट के बादल अब दिल्ली के हाईकमान तक पहुंच चुके हैं। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को साफ शब्दों में कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच छिड़े नेतृत्व विवाद को वे सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ मिलकर निपटाएंगे। खड़गे ने कहा, “सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मैं तीनों बैठकर इस मामले पर मध्यस्थता करेंगे। सार्वजनिक मंच पर ऐसी चर्चा नहीं हो सकती।” यह बयान कर्नाटक में सीएम बदलाव की अटकलों के बीच आया है, जहां सिद्धारमैया का 2.5 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद खींचतान तेज हो गई है।
कांग्रेस के एकमात्र दक्षिणी किले कर्नाटक में सत्ता का संतुलन बिगड़ता नजर आ रहा है। 2023 विधानसभा चुनाव में 135 सीटें जीतकर सरकार बनी, लेकिन अब सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच सीएम पद की दौड़ ने पार्टी को फाड़ दिया है। शिवकुमार, जो वोकल गुजरात मॉडल के समर्थक हैं, दिल्ली जाकर हाईकमान से मुलाकात कर रहे हैं। उन्होंने सोनिया गांधी से समय मांगा है और 29 नवंबर को बेंगलुरु से दिल्ली उड़ान भर सकते हैं। मंगलवार को खड़गे के बेंगलुरु दौरे पर सिद्धारमैया और शिवकुमार ने अलग-अलग मुलाकात की। सिद्धारमैया ने कहा कि वे पूरे 5 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, लेकिन खड़गे से बात के बाद उनका रुख नरम हो गया – अब वे हाईकमान के फैसले पर छोड़ दिया।
खड़गे ने ANI को दिए इंटरव्यू में कहा, “राहुल गांधी से मुलाकात पर चर्चा पार्टी अध्यक्ष कहीं भी नहीं करते। अगर जरूरी हुआ तो वहीं बात होगी।” पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को सिद्धारमैया और शिवकुमार को दिल्ली बुलाया जा सकता है। खड़गे की रिपोर्ट पर सोनिया-राहुल अंतिम फैसला लेंगे। डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, यह मीटिंग संकट को सुलझाने का आखिरी मौका हो सकती है। शिवकुमार ने ‘सीक्रेट डील’ का जिक्र किया, जिसमें 5-6 वरिष्ठ नेताओं के बीच 2.5 साल बाद सीएम बदलाव का समझौता हुआ था। लेकिन सिद्धारमैया के समर्थक एम. लक्ष्मी नरसिम्हा ने इसे खारिज कर दिया।
विपक्ष भाजपा इस मौके को भुनाने में जुट गई है। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा, “कांग्रेस का आंतरिक कलह सरकार गिराने का कारण बनेगा।” राज्य में विधायकों के दिल्ली दौरे और गुटबाजी ने हाईकमान को चिंतित कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर विवाद नहीं सुलझा तो कर्नाटक में कांग्रेस की सबसे मजबूत सरकार खतरे में पड़ सकती है। खड़गे का बयान पार्टी एकता का संदेश देता है, लेकिन अगले 48 घंटे फैसले के लिहाज से अहम होंगे। क्या हाईकमान शिवकुमार को सीएम बनाएगा या सिद्धारमैया को बरकरार रखेगा? सस्पेंस बरकरार है।
