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बंगाल की खाड़ी में जागा ‘सेन्यार’ तूफान: IMD की चेतावनी, तमिलनाडु-अंडमान पर मंडराया खतरा, जानें भारत को कितना असर

बंगाल की खाड़ी में जागा ‘सेन्यार’ तूफान: IMD की चेतावनी, तमिलनाडु-अंडमान पर मंडराया खतरा, जानें भारत को कितना असर

बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान जन्म ले चुका है। इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने बुधवार को घोषणा की कि स्ट्रेट ऑफ मलक्का और उत्तर-पूर्वी इंडोनेशिया के ऊपर विकसित सिस्टम अब पूर्ण चक्रवाती तूफान ‘सेन्यार’ (Senyar) बन गया है। ‘सेन्यार’ का मतलब ‘शेर’ है, जो संयुक्त अरब अमीरात द्वारा नामांकित नाम है। यह तूफान पश्चिम की ओर 10 किमी/घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है और अगले 24 घंटों में और तेज हो सकता है। IMD ने इसे लेवल 3 खतरे का बताया है, जो भारत के दक्षिणी तटों पर भारी बारिश, तेज हवाओं और बाढ़ का कारण बन सकता है।

IMD के अनुसार, 22 नवंबर को स्ट्रेट ऑफ मलक्का के ऊपर लो प्रेशर एरिया बनेगा, जो 24 नवंबर तक दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद 25-26 नवंबर तक यह चक्रवाती तूफान ‘सेन्यार’ का रूप ले लेगा। वर्तमान में तूफान उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और 27 नवंबर तक दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर पहुंच सकता है। हवाओं की गति 50-60 किमी/घंटा है, जो 80 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। तूफान का केंद्र वर्तमान में 9.5°N, 95.5°E के आसपास है।

भारत को कितना खतरा?

IMD ने चेतावनी दी है कि तूफान का सीधा लैंडफॉल तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों पर 28-29 नवंबर को हो सकता है। इससे पहले, 26-27 नवंबर को अंडमान एंड निकोबार द्वीपसमूह में भारी बारिश (200 मिमी तक) और तेज हवाएं (60-70 किमी/घंटा) चलेंगी। तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम, कडलोर और पुडुचेरी में ऑरेंज अलर्ट जारी है। आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों (स्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापट्टनम, काकीनाड़ा) में 29-30 नवंबर को रेड अलर्ट संभव। ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी है।

भारी बारिश और बाढ़: तमिलनाडु में 25-28 नवंबर तक 100-150 मिमी बारिश, जिससे चेन्नई में जलभराव और सड़कें बंद हो सकती हैं। स्कूल-कॉलेज बंद, ट्रेनें रद्द।

तेज हवाएं: 40-60 किमी/घंटा, जो पेड़ उखाड़ सकती हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह।

अन्य प्रभाव: पोर्ट ऑपरेशंस रुक सकते हैं, बिजली-पानी की दिक्कत। पश्चिम बंगाल पर सीधा खतरा नहीं, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से मौसम प्रभावित।

तैयारी और सलाह

NDMA ने तटीय इलाकों में रेस्क्यू टीम तैनात की हैं। तमिलनाडु सरकार ने कंट्रोल रूम (1077) सक्रिय किया। IMD ने कहा, “तूफान की तीव्रता पर नजर, लेकिन दक्षिण भारत सतर्क रहे।” यह मौसम का दूसरा तूफान है – पहले ‘मोंथा’ ने आंध्र पर हमला किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्म समुद्री तापमान से तूफान तेज हो सकता है। अगर आप तटीय क्षेत्र में हैं, तो घर पर राशन रखें, रेडियो सुनें। IMD ऐप पर अपडेट चेक करें।

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