राजनीति

बिहार में शपथ ग्रहण की तारीख तय: 20 नवंबर को नीतीश कुमार लेंगे 10वीं बार CM की शपथ, गांधी मैदान में धूमधाम से तैयारियां

बिहार में शपथ ग्रहण की तारीख तय: 20 नवंबर को नीतीश कुमार लेंगे 10वीं बार CM की शपथ, गांधी मैदान में धूमधाम से तैयारियां

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की शानदार जीत के बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राजभवन जाकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई, और शपथ ग्रहण समारोह की तारीख तय हो गई – 20 नवंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। यह उनके राजनीतिक सफर का एक और रिकॉर्ड होगा। एनडीए के सहयोगी दलों ने एकजुट होकर नीतीश को अपना नेता चुना, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शेड्यूल के अनुरूप तारीख फाइनल की गई।

चुनाव परिणाम 14 नवंबर को आए थे, जिसमें एनडीए ने 202 सीटें हासिल कर महागठबंधन को करारी शिकस्त दी। भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि जेडीयू को 83 मिलीं। नीतीश कुमार ने इस्तीफा सौंपने के बाद कहा, “जनता का आशीर्वाद हमें मिला है। हम बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।” भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बताया कि एनडीए की विधायक दल बैठक में नीतीश को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। उपमुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा बरकरार रहेंगे। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चिराग पासवान ने नीतीश से मुलाकात कर समर्थन दोहराया।

गांधी मैदान में तैयारियां जोरों पर हैं। जिला प्रशासन ने स्टेज सेटअप, सिक्योरिटी और लाइटिंग का काम शुरू कर दिया है। अनुमान है कि 50,000 से ज्यादा समर्थक जुटेंगे। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्य अध्यक्ष संजय झा ने कहा, “यह समारोह बिहार की एकता का प्रतीक होगा। पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शामिल हो सकते हैं।” वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है, इसलिए शपथ से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी।

यह नीतीश का दसवां शपथ ग्रहण होगा, जो उनके ‘सुशासन बाबू’ इमेज को मजबूत करेगा। 2005 से अब तक उन्होंने नौ बार शपथ ली है, जिसमें गठबंधनों के उतार-चढ़ाव शामिल हैं। विपक्षी आरजेडी ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि वे सदन में मजबूती से आवाज उठाएंगे। तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, “जनादेश का सम्मान, लेकिन बिहार की समस्याओं पर नजर रखेंगे।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सरकार विकास, जाति जनगणना और महिला सशक्तिकरण पर फोकस करेगी। क्या नीतीश की यह सरकार पांच साल चलेगी? आने वाले दिनों में कैबिनेट विस्तार से साफ होगा। फिलहाल, पटना में उत्साह का माहौल है, और बिहार नई शुरुआत के लिए तैयार है।

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