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जापान में सक्रिय ज्वालामुखी सकुराजिमा का जोरदार विस्फोट: राख के बादल से अंधेरा छाया, कागोशिमा एयरपोर्ट पर 30 उड़ानें रद्द

जापान में सक्रिय ज्वालामुखी सकुराजिमा का जोरदार विस्फोट: राख के बादल से अंधेरा छाया, कागोशिमा एयरपोर्ट पर 30 उड़ानें रद्द

जापान के क्युषू द्वीप पर स्थित सकुराजिमा ज्वालामुखी ने रविवार को कई जोरदार विस्फोट किए, जिससे 4.4 किलोमीटर ऊंचा राख और धुएं का विशालकाय बादल उभरा। यह विस्फोट पिछले 13 महीनों में सबसे ऊंचा राख स्तंभ है, जिसने आसपास के इलाकों में राख की बौछार कर दी और कागोशिमा शहर को राख के काले बादल से घेर लिया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, विस्फोट सुबह 1 बजे के आसपास शुरू हुए, उसके बाद 2:30 बजे और 8:50 बजे दो और विस्फोट दर्ज किए गए। राख उत्तर-पूर्व दिशा में बह रही है, जिससे कागोशिमा और पड़ोसी मियाजाकी प्रान्त में राख गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

सक्रिय ज्वालामुखी सकुराजिमा, जो कागोशिमा शहर के पास स्थित है, जापान के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है। यहां नियमित रूप से छोटे-मोटे विस्फोट होते रहते हैं, लेकिन इस बार की तीव्रता ने स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर डाल दिया। JMA ने ज्वालामुखी अलर्ट लेवल 3 (5 में से) घोषित किया है, जिसके तहत क्रेटर के आसपास 2 किलोमीटर का क्षेत्र प्रतिबंधित कर दिया गया है। निवासियों को सतर्क रहने और राख से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में राख से ढके सड़कें, वाहन और घर दिख रहे हैं, जहां विजिबिलिटी घटकर कुछ मीटर रह गई है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “सुबह उठे तो सब कुछ काला पड़ गया, जैसे रात हो।”

इस विस्फोट का सबसे बड़ा असर हवाई यात्रा पर पड़ा है। राख के कारण कागोशिमा एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी कम होने और इंजन को नुकसान के खतरे से करीब 30 उड़ानें रद्द कर दी गईं। इनमें टोक्यो, ओसाका और अन्य घरेलू उड़ानें शामिल हैं। कागोशिमा एयरपोर्ट प्रबंधन ने कहा, “राख जमा होने से रनवे पर खतरा है, इसलिए सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।” यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों की सलाह दी गई है, लेकिन कई घंटों की देरी हो रही है। जापान एयरलाइंस (JAL) और ऑल निप्पॉन एयरवेज (ANA) जैसी कंपनियों ने प्रभावित यात्रियों को रिफंड का ऐलान किया है।

JMA के विशेषज्ञों का कहना है कि सकुराजिमा का यह विस्फोट ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र की भूगर्भीय अस्थिरता का हिस्सा है, जहां जापान पर 80% से ज्यादा ज्वालामुखी सक्रिय हैं। 1914 के बड़े विस्फोट के बाद यह ज्वालामुखी ओसुमी प्रायद्वीप से जुड़ गया था, और तब से यहां 1950 के दशक से गतिविधियां बढ़ी हैं। स्थानीय लोग राख साफ करने के लिए तैयार रहते हैं – स्कूलों में ड्रिल होती हैं, घरों में सफाई के उपकरण रखे जाते हैं। लेकिन इस बार की राख की मात्रा अधिक होने से स्वास्थ्य चिंताएं बढ़ गई हैं; अस्थमा और श्वास संबंधी बीमारियों के मरीजों को घर में रहने को कहा गया है।

सरकार ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं। कागोशिमा प्रान्त के गवर्नर ने कहा, “हमारी तैयारी मजबूत है, लेकिन निवासियों से अपील है कि निर्देशों का पालन करें।” पर्यटन प्रभावित हुआ है, क्योंकि सकुराजिमा पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि विस्फोट कुछ दिनों तक जारी रह सकता है, लेकिन बड़ा खतरा नहीं। क्या यह विस्फोट जापान की आपदा प्रबंधन प्रणाली की परीक्षा लेगा? फिलहाल, राख का काला पर्दा हटने का इंतजार है। अपडेट्स के लिए JMA की वेबसाइट चेक करें।

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