रूस-यूक्रेन युद्ध: रूस ने ज़ापोरिज़िया के याब्लुकोवे गांव पर कब्जे का दावा किया, यूक्रेन ने खारिज किया; जारी हैं हवाई हमले
रूस-यूक्रेन युद्ध: रूस ने ज़ापोरिज़िया के याब्लुकोवे गांव पर कब्जे का दावा किया, यूक्रेन ने खारिज किया; जारी हैं हवाई हमले
रूस ने एक बार फिर पूर्वी यूक्रेन में अपनी सैन्य सफलता का दावा किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को घोषणा की कि उसके सैनिकों ने ज़ापोरिज़िया क्षेत्र के याब्लुकोवे (Yablukove) गांव पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है। मंत्रालय ने एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें कथित तौर पर रूसी सैनिक गांव के मुख्य भवनों पर झंडे फहराते दिख रहे हैं। यह दावा रूस की धीमी लेकिन लगातार प्रगति को दर्शाता है, जो डोनेट्स्क और ज़ापोरिज़िया जैसे क्षेत्रों में यूक्रेनी रक्षा को कमजोर करने पर केंद्रित है। हालांकि, यूक्रेनी अधिकारियों ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। यूक्रेनी सेना के जनरल स्टाफ ने कहा कि याब्लुकोवे में लड़ाई जारी है और रूसी दावे “प्रोपेगैंडा” हैं। स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि नहीं हो सकी है।
रूसी मंत्रालय के अनुसार, याब्लुकोवे पर कब्जा रूसी सेना की “विशेष सैन्य अभियान” का हिस्सा है, जो फरवरी 2022 से चल रहा है। गांव ज़ापोरिज़िया के उत्तरी हिस्से में स्थित है, जो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मेलिटोपोल और ड्निप्रो नदी के बीच की सड़कों को जोड़ता है। रूस ने दावा किया कि उसके सैनिकों ने यूक्रेनी ड्रोन हमलों को विफल करते हुए गांव को घेर लिया। वीडियो में रूसी सैनिक “विजय” का जश्न मनाते नजर आ रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रचार का हिस्सा हो सकता है। इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि रूस डोनेट्स्क की ओर बढ़ रहा है, लेकिन ज़ापोरिज़िया में प्रगति सीमित है।
इस बीच, यूक्रेन ने रूस पर हवाई हमलों का आरोप लगाया। शुक्रवार रात को रूस ने 94 ड्रोन दागे, जिनमें से 60 को यूक्रेनी वायुसेना ने मार गिराया। हमलों में कीव, ड्निप्रोपेट्रोव्स्क, खेरसॉन और ज़ापोरिज़िया प्रभावित हुए। खेरसॉन में तीन नागरिक मारे गए, जबकि ड्निप्रोपेट्रोव्स्क और ज़ापोरिज़िया में एक-एक की मौत हुई। कुल मिलाकर, हमलों में सात लोग मारे गए। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा, “रूस की आक्रामकता जारी है, लेकिन हमारी सेना मजबूती से खड़ी है। अंतरराष्ट्रीय सहायता बढ़ाने की जरूरत है।” यूक्रेन ने जवाबी कार्रवाई में रूस के रियाज़ान रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया, जिससे आग लग गई।
यह दावा रूस की हालिया सफलताओं का हिस्सा लगता है। अगस्त 2025 में रूस ने डोनेट्स्क के श्रेडनेये और क्लेबन-बायक गांव कब्जे का दावा किया था, जो कोस्टियांतिनिव्का की ओर बढ़त था। नवंबर की शुरुआत में पॉक्रोव्स्क के पूर्व में मायर्नोहराद पर कब्जे की कोशिशें तेज हुईं, जहां यूक्रेनी सेना ने आपूर्ति पहुंचाई। यूक्रेन का कहना है कि पॉक्रोव्स्क और डोब्रोपिलिया के आसपास स्थिति नियंत्रण में है। लेकिन रूसी सेना की संख्या अधिक होने से यूक्रेनी सैनिक थकावट महसूस कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया में अमेरिका ने यूक्रेन को अतिरिक्त हथियार देने का वादा किया, लेकिन ट्रंप प्रशासन के आने के बाद सहायता पर अनिश्चितता है। यूरोपीय संघ ने कहा कि वह यूक्रेन की वायु रक्षा मजबूत करेगा। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की। विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दियों में लड़ाई धीमी पड़ सकती है, लेकिन रूस की तोपखाने की श्रेष्ठता से यूक्रेन को नुकसान हो रहा है।
युद्ध के तीन साल बाद, रूस लगभग 20% यूक्रेनी क्षेत्र नियंत्रित करता है। याब्लुकोवे जैसे छोटे गांवों पर कब्जा रूसी प्रचार के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन मानवीय संकट गहरा रहा है। हजारों विस्थापित हो चुके हैं, और नागरिक मौतें बढ़ रही हैं। क्या यह दावा युद्ध की दिशा बदलेगा? फिलहाल, फ्रंटलाइन पर तनाव बरकरार है। दुनिया आज तक: शांति की उम्मीद धुंधली, लेकिन यूक्रेन की प्रतिरोध क्षमता प्रेरणादायक।
