उत्तराखंड

पेपर लीक की आशंका पर सतर्क UKSSSC: वॉशरूम तक जैमर, बायोमेट्रिक हाजिरी से पारदर्शिता सुनिश्चित

पेपर लीक की आशंका पर सतर्क UKSSSC: वॉशरूम तक जैमर, बायोमेट्रिक हाजिरी से पारदर्शिता सुनिश्चित

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने आगामी प्रतियोगी परीक्षा के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। रविवार, 16 नवंबर को सहकारी निरीक्षक और सहायक विकास अधिकारी पदों के लिए होने वाली लिखित परीक्षा से एक दिन पहले ही आयोग की टीमें परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गईं। इस दौरान कक्षाओं से लेकर वॉशरूम तक की व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। खास तौर पर, पिछली परीक्षा में वॉशरूम से प्रश्न पत्र लीक होने की घटना के बाद, इस बार वॉशरूम और उसके आसपास जैमर लगाने की अलग व्यवस्था की गई है। आयोग अध्यक्ष जीएस मार्तोलिया ने कहा, “हम पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।”

हाल ही में सितंबर 2025 में हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आया था, जहां परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्न पत्र के तीन पेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इस घटना ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया था। हरिद्वार पुलिस ने मुख्य आरोपी खालिद मलिक को गिरफ्तार किया, जो अपनी बहन सबिया के माध्यम से फोटो खींचकर पेपर लीक करने का दोषी पाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए परीक्षा को रद्द कर दिया और तीन महीने में पुनः परीक्षा कराने का फैसला लिया। इसके अलावा, पूर्व हाईकोर्ट जज के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई, और सीबीआई जांच की सिफारिश भी की गई। सीएम धामी ने कहा, “युवाओं के हितों की रक्षा के लिए मैं खुद को कुर्बान करने को तैयार हूं।”

इस बार की परीक्षा के लिए आयोग ने तकनीक का अधिक उपयोग करने का फैसला लिया है। 26 परीक्षा केंद्रों पर 13,080 अभ्यर्थी शामिल होंगे, जो सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी। सभी केंद्रों पर बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य होगी, ताकि किसी भी फर्जीवाड़े की गुंजाइश न रहे। मोबाइल जैमर के अलावा, 5जी सिग्नल ब्लॉक करने के लिए विशेष उपकरण लगाए गए हैं। परीक्षा के दौरान वॉशरूम जाने वाले अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी, और कर्मचारी सख्ती से ड्यूटी निभाएंगे। आयोग ने सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता दी है, ताकि बाहरी हस्तक्षेप रोका जा सके।

परीक्षा देहरादून और हल्द्वानी के केंद्रों पर होगी। आयोग की टीमें शनिवार को सभी केंद्रों का दौरा कर रही हैं, जहां सीसीटीवी, फ्रिस्किंग और अन्य सुरक्षा उपायों की जांच हो रही है। मार्तोलिया ने बताया, “पिछली घटना से सीख लेते हुए हमने निगरानी बढ़ाई है। कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।” राज्य सरकार ने 2023 के ‘उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम’ के तहत सख्त कार्रवाई के प्रावधान किए हैं, जिसमें उम्रकैद और 10 करोड़ तक जुर्माना शामिल है।

यह कदम न केवल परीक्षा की विश्वसनीयता बढ़ाएंगे, बल्कि युवाओं का भरोसा भी बहाल करेंगे। अभ्यर्थी उत्साहित हैं, लेकिन सतर्कता की सराहना कर रहे हैं। क्या यह व्यवस्था पेपर लीक को पूरी तरह रोक पाएगी? रविवार का दिन इसका जवाब देगा। फिलहाल, UKSSSC पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की नई मिसाल कायम करने को तैयार है।

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