सावधान! बाजारों में बिक रहा है नकली नमक, गोरखपुर में 225 पैकेट मिलावटी टाटा सॉल्ट बरामद
सावधान! बाजारों में बिक रहा है नकली नमक, गोरखपुर में 225 पैकेट मिलावटी टाटा सॉल्ट बरामद
उपभोक्ताओं के लिए खतरे की घंटी बज गई है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में नकली नमक का बड़ा खेल सामने आया है। राजघाट थाना क्षेत्र के साहबगंज मंडी में पुलिस और टाटा कंपनी की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को एक दुकान पर छापा मारा, जहां से 225 किलोग्राम (225 पैकेट) नकली टाटा सॉल्ट बरामद किया गया। यह नमक नौ बोरे में भरा हुआ था और पैकिंग, लेबल व सील इतनी बारीक बनी थी कि असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता। दुकानदार लवकुश प्रसाद के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी को बाजार में नकली उत्पाद बिकने की शिकायत मिल रही थी। गुप्त सूचना पर कार्रवाई की गई। छापे के दौरान दुकान से नमक के अलावा पैकिंग सामग्री भी बरामद हुई। अधिकारी ने कहा, “यह नकली नमक सस्ते सामान्य नमक को मिलाकर तैयार किया जाता है, जिसमें आयोडीन की मात्रा कम होती है। लंबे समय तक इसका सेवन करने से थायरॉइड, हृदय रोग और हड्डियों की कमजोरी जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।” स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि मिलावटी नमक पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाता है, जिससे पेट दर्द, कब्ज और गैस जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।
यह मामला देशभर में नकली उत्पादों के बढ़ते कारोबार की पोल खोलता है। हाल ही में हरियाणा के हिसार में एक गोदाम से नकली टाटा सॉल्ट, हार्पिक, ऑल आउट और गुड नाइट जैसे ब्रांडों के हजारों पैकेट बरामद हुए थे। वहां पैकिंग मशीन और 9,900 खाली पैकेट भी जब्त किए गए। आरोपी नितिन ने कॉपीराइट एक्ट के तहत केस का सामना किया। इसी तरह, आगरा में एसटीएफ ने नकली टाटा सॉल्ट और सर्फ एक्सल की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया, जहां 1,375 किलोग्राम नमक और 4,720 वॉशिंग पाउडर पैकेट मिले। पटना के फतुहा में भी 5,750 पैकेट नकली टाटा प्लस सॉल्ट जब्त हुआ, जो राजस्थान से सप्लाई हो रहा था। झारखंड के साहिबगंज में 1,100 किलोग्राम नकली नमक और जैसमिन हेयर ऑयल बरामद किया गया। राजस्थान के जयपुर में 1,900 किलोग्राम नकली टाटा सॉल्ट के साथ सर्फ एक्सल के पैकेट पकड़े गए।
ये घटनाएं दर्शाती हैं कि नकली उत्पादों का जाल पूरे देश में फैला हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, नकली नमक में चीनी, चाक पाउडर या अन्य केमिकल मिलाए जाते हैं, जो किडनी और लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उपभोक्ता संरक्षण संगठनों ने सरकार से सख्त निगरानी की मांग की है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने भी चेतावनी जारी की है कि हमेशा FSSAI लाइसेंस वाले पैकेट खरीदें।
टाटा कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि नकली उत्पाद देखने पर हेल्पलाइन 1800-209-0101 पर शिकायत करें। गोरखपुर पुलिस अब सप्लाई चेन की जांच कर रही है, ताकि बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सके। क्या आपका किचन भी इस जाल में फंसा है? सतर्क रहें, असली नमक की पहचान के लिए पैकेट पर BIS मार्क और बैच नंबर चेक करें। यह स्वास्थ्य का सवाल है, लापरवाही भारी पड़ सकती है।
