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इंडियन IT प्रोफेशनल्स के लिए झटका: अमेरिकी सांसद H-1B वीजा खत्म करने का बिल लाने वाली हैं

इंडियन IT प्रोफेशनल्स के लिए झटका: अमेरिकी सांसद H-1B वीजा खत्म करने का बिल लाने वाली हैं

इंडियन IT सेक्टर के लिए बड़ी मुसीबत की खबर है। 13 नवंबर 2025 को रीपब्लिकन कांग्रेसवुमन मार्जरी टेलर ग्रीन (जॉर्जिया से) ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर वीडियो पोस्ट कर घोषणा की कि वो H-1B वीजा प्रोग्राम को पूरी तरह खत्म करने वाला बिल जल्द ही हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पेश करेंगी। H-1B वीजा, जो टेक, हेल्थकेयर और इंजीनियरिंग जैसे स्पेशलाइज्ड जॉब्स के लिए इस्तेमाल होता है, के 70% से ज्यादा रिसिपिएंट्स इंडियन हैं। ये बिल पास होता है तो हजारों इंडियन प्रोफेशनल्स की जॉब्स, ग्रीन कार्ड की राह और रेमिटेंस ($32-33 बिलियन सालाना) पर असर पड़ेगा। आइए, डिटेल में समझें:

बिल की मुख्य बातें (मार्जरी टेलर ग्रीन के बिल से):

H-1B को पूरी तरह खत्म: प्रोग्राम को “फ्रॉड और एब्यूज” से भरा बताते हुए, ये अमेरिकी वर्कर्स को प्राथमिकता देगा। कंपनियां फॉरेन वर्कर्स को लोअर वेज पर हायर नहीं कर सकेंगी।

सिटिजनशिप पाथवे बंद: वीजा एक्सपायर होने पर वापस लौटना पड़ेगा, कोई परमानेंट स्टेटस नहीं।

एक्जेम्प्शन सिर्फ मेडिकल फील्ड में: डॉक्टर्स और नर्सेस के लिए शुरुआती 10 साल तक सालाना 10,000 वीजा, उसके बाद वो भी फेज आउट।

अमेरिकंस फर्स्ट: टेक (जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट), हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग में अमेरिकी टैलेंट को प्रायोरिटी, क्योंकि “अमेरिकंस सबसे टैलेंटेड हैं”।

बैकग्राउंड: क्यों ये बिल आया?

ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन का असर: हाल ही में ट्रंप ने H-1B को डिफेंड किया था, कहते हुए कि अमेरिका को “सर्टेन टैलेंट्स” की कमी है। लेकिन ग्रीन जैसे कंजर्वेटिव्स इसे “मास रिप्लेसमेंट” मानते हैं, जहां बिग टेक (मस्क, Altman) फॉरेन वर्कर्स से वेज दबा रही है।

पिछले बदलाव: सितंबर 2025 से H-1B के लिए $100,000 एक्स्ट्रा फीस लगी है, जो अप्लिकेशन्स को क्रैश कर रही है। अन्य बिल्स जैसे American Tech Workforce Act (सेनेटर जिम बैंक्स) में वेज फ्लोर $150,000 करने, OPT खत्म करने और लॉटरी सिस्टम बदलने की बात है।

इंडियन इम्पैक्ट: TCS, Infosys जैसी कंपनियां H-1B पर डिपेंड करती हैं। 2025 में माइक्रोसॉफ्ट ने 15,000 अमेरिकी लेट-ऑफ किए लेकिन H-1B स्पॉन्सरशिप जारी रखी। ये बिल पास होता है तो जॉब रिजेक्शन्स बढ़ेंगी।

X पर रिएक्शन (14 नवंबर 2025 तक):

समर्थन: कई यूजर्स इसे “अमेरिकंस फर्स्ट” बता रहे, जैसे @BigBreakingWire ने कहा – “बिलियनेयर्स डिफेंड कर रहे, लेकिन ये इनोवेशन के लिए जरूरी नहीं।”

विरोध: इंडियन कम्युनिटी में चिंता, @IndiaAbroad_ ने हाइलाइट किया कि 70% H-1B इंडियंस के पास हैं। @LeeGolden6 ने रेमिटेंस का जिक्र किया।

क्या होगा आगे?

चांस ऑफ पास: कम, क्योंकि ट्रंप और बिजनेस लॉबी (मस्क, Altman) इसका विरोध करेंगे। लेकिन रिपब्लिकन कंट्रोल्ड कांग्रेस में डिबेट बढ़ेगा।

इंडियंस के लिए टिप्स:

अल्टरनेटिव्स: कनाडा (Express Entry), यूके (Skilled Worker Visa) या ऑस्ट्रेलिया पर फोकस।

अपडेट रहें: USCIS वेबसाइट चेक करें, लॉबिंग ग्रुप्स जैसे Indian American Community Services से जुड़ें।

शॉर्ट टर्म: 2026 H-1B लॉटरी से पहले सैलरी बूस्ट या US जॉब्स पर फोकस।

ये सिर्फ प्रपोजल है, लेकिन सिग्नल क्लियर है – इमिग्रेशन रिफॉर्म टाइट हो रहा। अगर आप स्पेसिफिक एडवाइस (जैसे वीजा अप्लाई टिप्स) या अपडेट चाहें, तो बताएं!

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