उत्तराखंड में बढ़ रही ठिठुरन: बर्फीली हवाओं और कोहरे ने बढ़ाई टेंशन, पाला बढ़ा सकता है परेशानी
उत्तराखंड में बढ़ रही ठिठुरन: बर्फीली हवाओं और कोहरे ने बढ़ाई टेंशन, पाला बढ़ा सकता है परेशानी
देहरादून: उत्तराखंड में सर्दी ने दस्तक दे दी है। नवंबर के मध्य तक पहुंचते-पहुंचते ठंड का असर तेज हो गया है, जहां बर्फीली हवाएं, घना कोहरा और पाला लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट आएगी, जिससे पहाड़ी इलाकों में पाला और मैदानी क्षेत्रों में कोहरा और गहरा हो सकता है। देहरादून जैसे मैदानी जिलों में सुबह का तापमान 10°C के आसपास लुढ़क गया है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे चमोली, नैनीताल, मसूरी और रुद्रप्रयाग में शीतलहर का ‘येलो अलर्ट’ जारी है।
मौसम विभाग के अनुसार, 12 नवंबर को जारी फॉग अलर्ट में कहा गया है कि उत्तराखंड में बर्फीली हवाएं परेशानी बढ़ाएंगी। देहरादून में अधिकतम तापमान 23-24°C रहने की उम्मीद है, लेकिन न्यूनतम 10°C तक गिर सकता है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 4000 मीटर से ऊपर हल्की बर्फबारी का अनुमान है, जबकि मैदानी इलाकों में सुबह के समय कोहरा छाया रहेगा। पाला (ग्राउंड फ्रॉस्ट) के कारण नलों का पानी जमने लगा है, खासकर पहाड़ी जिलों में। IMD ने 11-15 नवंबर तक सूखे मौसम का पूर्वानुमान जताया है, लेकिन ठंड धीरे-धीरे तीव्र होगी। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है, जो न्यूनतम तापमान को और नीचे धकेल देगी।
यह ठंड उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और दैनिक जीवन पर भारी पड़ रही है। किसानों को फसलें (गेहूं, सरसों, आलू) को पाले से बचाने के लिए अलाव जलाने और कवरिंग करने की सलाह दी गई है। पर्यटन प्रभावित हो रहा है—चारधाम यात्रा मार्गों पर कोहरा से वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने सर्दी-जुकाम, फ्लू और फ्रॉस्टबाइट से बचाव के लिए गर्म कपड़े, नमक-पानी गरारे और घर में रहने की अपील की है। AQI 197 के स्तर पर पहुंच गया है, जो ‘अनहेल्दी’ कैटेगरी में है, इसलिए सेंसिटिव ग्रुप्स (बुजुर्ग, बच्चे) को बाहर न निकलने की हिदायत है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह सामान्य सर्दी का आगमन है, लेकिन जलवायु परिवर्तन से पाले की तीव्रता बढ़ रही है। IMD ने यात्रियों को फॉग लाइट्स चालू रखने और सुबह-शाम सतर्क रहने की सलाह दी है। अगले कुछ दिनों में राहत की उम्मीद कम है, लेकिन 15 नवंबर के बाद हल्की गर्मी लौट सकती है। क्या यह ठंडी लहर पूरे उत्तर भारत को जकड़ लेगी? फिलहाल, उत्तराखंडवासी गर्म चाय और कंबलों में लिपटे इंतजार कर रहे हैं।
