राजनीति

‘हर कश्मीरी आतंकी नहीं, कुछ गिने-चुने लोगों ने…’, दिल्ली ब्लास्ट पर बोले उमर अब्दुल्ला

‘हर कश्मीरी आतंकी नहीं, कुछ गिने-चुने लोगों ने…’, दिल्ली ब्लास्ट पर बोले उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर: दिल्ली के लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए विस्फोट की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस धमाके में 13 निर्दोष लोगों की जान चली गई, जबकि 20 से अधिक घायल हुए। जांच में कश्मीरी मूल के डॉक्टर मोहम्मद उमर नबी और मुजम्मिल शकील गनई के तुर्की-पाकिस्तान कनेक्शन उजागर होने के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। 13 नवंबर को श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अब्दुल्ला ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा, “हर कश्मीरी आतंकी नहीं है। कुछ गिने-चुने लोगों ने कश्मीर की शांति और भाईचारे को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन पूरे समुदाय को बदनाम करना उचित नहीं।”

उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस घटना की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। “बेगुनाह लोगों का इस तरह बेरहमी से कत्ल करना कोई भी धर्म या इंसानियत इसकी इजाजत नहीं देती।” उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि जांच को निष्पक्ष रखा जाए और निर्दोष कश्मीरियों को स्टिग्मेटाइज न किया जाए। अब्दुल्ला ने कहा, “जब हम जम्मू-कश्मीर के हर निवासी को एक ही विचारधारा से देखते हैं, तो लोगों को मुख्यधारा में लाना और सही रास्ते पर रखना मुश्किल हो जाता है।” यह बयान तब आया जब एनआईए ने कश्मीर में 250 से अधिक लोगों से पूछताछ की और 12 संदिग्धों, जिनमें कई डॉक्टर शामिल हैं, को हिरासत में लिया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अब्दुल्ला ने JeM जैसे संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, लेकिन साथ ही कश्मीरी युवाओं के लिए डायलॉग और विकास के अवसरों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “कश्मीर की 99% आबादी शांति चाहती है। कुछ बदमाशों के कारण पूरे समुदाय को सजा देना अन्याय है।” यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जहां समर्थक इसे ‘साहसी’ बता रहे हैं, जबकि कुछ आलोचक इसे ‘नरमी’ का नाम दे रहे हैं। बीजेपी ने अब्दुल्ला के बयान पर पलटवार किया, कहा कि ‘आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता जरूरी है, न कि बहाने।’

दिल्ली ब्लास्ट की जांच तेज हो गई है। एनआईए ने उमर नबी की फरीदाबाद स्थित ईको स्पोर्ट्स कार बरामद की है, और सीसीटीवी फुटेज से उसके दिल्ली एंट्री के वीडियो सामने आए हैं। अमित शाह की हाई लेवल मीटिंग के बाद पूरे एनसीआर में अलर्ट है। उमर अब्दुल्ला ने राज्य स्तर पर भी सुरक्षा समीक्षा की है। क्या यह बयान कश्मीर में तनाव कम करेगा? फिलहाल, अब्दुल्ला का संदेश साफ है—निंदा के साथ-साथ न्याय की मांग।

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