Monday, April 27, 2026
उत्तराखंड

उत्तराखंड में पंचायत उप-निर्वाचन-2025: हरिद्वार छोड़ बाकी 12 जिलों में अधिसूचना जारी, 13-14 नवंबर नामांकन, 20 को वोटिंग

उत्तराखंड में पंचायत उप-निर्वाचन-2025: हरिद्वार छोड़ बाकी 12 जिलों में अधिसूचना जारी, 13-14 नवंबर नामांकन, 20 को वोटिंग

देहरादून: उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने हरिद्वार जिला छोड़कर प्रदेश के बाकी 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायतों (ग्राम, क्षेत्र, जिला) के रिक्त पदों पर उप-निर्वाचन-2025 की अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार, नामांकन पत्र दाखिल करने की तिथि 13 और 14 नवंबर 2025 रखी गई है। 20 नवंबर को मतदान होगा और 22 नवंबर को मतगणना संपन्न होगी। यह उप-निर्वाचन जुलाई-अगस्त 2025 में हुए मुख्य त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के बाद रिक्त रह गए हजारों पदों को भरने के लिए कराया जा रहा है।

आयोग के अनुसार, कुल 32,934 सदस्य ग्राम पंचायत, 22 प्रधान ग्राम पंचायत, 2 सदस्य क्षेत्र पंचायत और 1 सदस्य जिला पंचायत के पद रिक्त हैं। रुद्रप्रयाग जिले में 1 सदस्य जिला पंचायत का पद खाली है। उत्तरकाशी और चमोली में 1-1 सदस्य क्षेत्र पंचायत का पद रिक्त है। ये पद मुख्य चुनाव के दौरान विभिन्न कारणों से भर नहीं पाए थे। अधिसूचना जारी होने से ग्रामीण स्तर पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

उप-निर्वाचन का शेड्यूल: नामांकन से मतगणना तक

राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने अधिसूचना में विस्तृत शेड्यूल दिया है:

नामांकन दाखिल: 13-14 नवंबर 2025

नामांकन जांच: 15 नवंबर 2025

नाम वापसी: 17 नवंबर 2025

मतदान: 20 नवंबर 2025 (सुबह 7 से शाम 6 बजे तक)

मतगणना: 22 नवंबर 2025

परिणाम घोषणा: 23 नवंबर 2025

मतदान EVM से होगा। 85 वर्ष से अधिक वृद्ध मतदाताओं के लिए डोरस्टेप वोटिंग की सुविधा रहेगी। आयोग ने 90% बूथों पर वेबकास्टिंग का आदेश दिया है। नामांकन शुल्क सामान्य/OBC के लिए 500 रुपये और SC/ST के लिए 250 रुपये निर्धारित है।

रिक्त पदों का विवरण: ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण

जुलाई-अगस्त 2025 में हुए मुख्य चुनावों में दो चरणों (24 और 28 जुलाई) में 69.16% मतदान हुआ था। लेकिन कुछ पद रिक्त रह गए, जिन्हें अब भरने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। रिक्त पदों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण, SC/ST/OBC के लिए जनसंख्या अनुपातित आरक्षण लागू होगा। मुख्य रूप से देहरादून (25 रिक्त), ऊधम सिंह नगर (22), नैनीताल (18) जैसे जिलों में ग्राम पंचायत सदस्यों के पद ज्यादा हैं।

आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रक्रिया पारदर्शी रखें। उम्मीदवारों को पंचायती राज अधिनियम 2016 के तहत शपथ लेनी होगी।

राजनीतिक हलचल: BJP का दावा, विपक्ष की चिंता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिसूचना का स्वागत करते हुए कहा, “ग्रामीण विकास को मजबूती मिलेगी।” BJP ने दावा किया कि ग्रामीण स्तर पर उनकी पकड़ मजबूत है। कांग्रेस नेता हरिश रावत ने हरिद्वार को छोड़ने पर सवाल उठाया, “पारदर्शिता क्यों प्रभावित?” AAP ने ग्रामीण मुद्दों पर फोकस करने का ऐलान किया।

यह उप-निर्वाचन स्थानीय मुद्दों जैसे सड़क, पानी, रोजगार पर केंद्रित होगा। अधिक जानकारी के लिए sec.uk.gov.in चेक करें।

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