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भारतीय महिला टीम को सुनील गावस्कर की चेतावनी: ‘वादे पूरे न हों तो निराश न हों, बेशर्म लोग सिर्फ अपनी PR कर रहे’

भारतीय महिला टीम को सुनील गावस्कर की चेतावनी: ‘वादे पूरे न हों तो निराश न हों, बेशर्म लोग सिर्फ अपनी PR कर रहे’

मुंबई: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक ICC वुमेंस ODI वर्ल्ड कप 2025 जीत के बाद जहां पूरे देश में जश्न का माहौल है, वहीं क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सुनील गावस्कर ने खिलाड़ियों को एक कड़वी सच्चाई से रूबरू कराया है। मिड-डे अखबार के अपने कॉलम में गावस्कर ने लिखा कि वादे किए गए इनाम और पुरस्कारों पर ज्यादा भरोसा न करें, क्योंकि ‘बेशर्म लोग’ सिर्फ टीम की जीत का फायदा उठाकर अपना प्रमोशन कर रहे हैं। 1983 वर्ल्ड कप विजेता गावस्कर ने अपनी और अपनी टीम की पुरानी कड़वी यादें साझा करते हुए लड़कियों को सलाह दी कि अगर वादे पूरे न हों तो निराश न हों।

2 नवंबर 2025 को साउथ अफ्रीका को हराकर भारतीय महिला टीम ने पहली बार वुमेंस ODI वर्ल्ड कप पर कब्जा किया। यह जीत 2005 और 2017 की हार के बाद आई ‘ट्रॉफी ड्रॉट’ को खत्म करने वाली थी। BCCI ने टीम को 90 करोड़ रुपये से ज्यादा का इनाम घोषित किया, जबकि कई राज्य सरकारों ने हारमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, रिचा घोष और हरलीन देओल जैसी सितारों के लिए अलग-अलग कैश रिवॉर्ड्स का ऐलान किया। ब्रांड्स ने भी फुल-पेज ऐड्स और होर्डिंग्स से बधाई दी। लेकिन गावस्कर ने इसे ‘फेक प्रॉमिसेज’ का जाल बताया।

उन्होंने लिखा, “लड़कियों के लिए बस एक चेतावनी। अगर वादा किए गए कुछ इनाम आपको नहीं मिलते हैं, तो इससे निराश न हों। 1983 की हमारी टीम को भी कई वादे किए गए थे, मीडिया कवरेज लोडेड था, लेकिन लगभग सब गायब हो गए। मीडिया को दोष नहीं दे सकते, वे खुश होकर उन लॉफ्टी ऐलान्स को कैरी कर रहे थे, बिना ये जाने कि वे भी इन बेशर्म लोगों के इस्तेमाल में आ रहे थे।” गावस्कर ने ब्रांड्स पर भी निशाना साधा: “जब तक वे टीम या व्यक्तिगत खिलाड़ियों के स्पॉन्सर न हों, बाकी सब सिर्फ अपना ब्रांड या खुद को प्रमोट कर रहे हैं, बिना कुछ देने के।” उन्होंने जोड़ा, “तो लड़कियां, अगर ये बेशर्म लोग तुम्हारी जीत का इस्तेमाल खुद को प्रमोट करने के लिए कर रहे हैं, तो फिक्र न करें। 1983 वाले तुम्हें बताएंगे कि दशकों बाद भी साधारण भारतीय क्रिकेट प्रेमी का प्यार और स्नेह हमारी सबसे बड़ी दौलत है, और तुम्हारे लिए भी यही होगा जब तुम रिटायर हो जाओगी।”

यह चेतावनी 1983 की अपनी टीम के अनुभव से प्रेरित है, जब कपिल देव की अगुवाई में भारत ने पहला वर्ल्ड कप जीता था। गावस्कर का मानना है कि जीत के बाद आने वाली चमक-दमक अक्सर खोखली होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सलाह न केवल खिलाड़ियों के लिए बल्कि युवा एथलीट्स के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो सफलता के बाद व्यावसायिक दबावों से जूझते हैं। BCCI ने इनामों का भुगतान समय पर करने का आश्वासन दिया है, लेकिन गावस्कर की बात ने बहस छेड़ दी है। टीम की कप्तान हारमनप्रीत ने कहा, “हम जीत के लिए खेलती हैं, इनाम बाद की बात।” फिलहाल, टीम का जश्न जारी है, लेकिन गावस्कर की चेतावनी ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया।

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