तमिल सिनेमा का दुखद नुकसान: ‘थुल्लुवधो इलमई’ फेम अभिनय किंगर का 44 की उम्र में निधन
तमिल सिनेमा का दुखद नुकसान: ‘थुल्लुवधो इलमई’ फेम अभिनय किंगर का 44 की उम्र में निधन, लीवर डिजीज से लंबी लड़ाई के बाद
चेन्नई: तमिल सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। मशहूर अभिनेता अभिनय किंगर (Abhinay Kinger) ने सोमवार (10 नवंबर 2025) को सुबह करीब 4 बजे चेन्नई के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। मात्र 44 वर्ष की आयु में उनका निधन लीवर से जुड़ी गंभीर बीमारी के कारण हुआ। अभिनय ने 2002 में धनुष के साथ आई फिल्म ‘थुल्लुवधो इलमई’ से डेब्यू किया था, जहां उनकी दमदार एक्टिंग ने उन्हें एक रात में स्टार बना दिया। वह धनुष के किरदार के करीबी दोस्त विष्णु बने थे, और फिल्म की सफलता ने उन्हें घर-घर पहचान दी।
अभिनय का जन्म मलयाली मूल के परिवार में हुआ था। वे नेशनल अवॉर्ड विजेता मलयालम अभिनेत्री टी.पी. राधामणि के बेटे थे, जो 1975 की फिल्म ‘उत्तरायणम’ के लिए सम्मानित हुईं। मां के कैंसर से निधन (2019) के बाद अभिनय की जिंदगी पटरी से उतर गई। आर्थिक तंगी ने उन्हें जकड़ लिया – काम के मौके कम हो गए, और वे चेन्नई के एक सरकारी मेस से भोजन पर निर्भर हो गए। एक इंटरव्यू में उन्होंने भावुक होकर कहा था, “मेरे दिन गिने हुए हैं।” बीते अगस्त में लीवर डिजीज की पुष्टि हुई, जब उनका पेट सूज गया। इलाज के लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर फंडरेजिंग की अपील की, जिस पर सह-कलाकार धनुष ने 5 लाख रुपये और कॉमेडियन केपीवाई बाला ने 1 लाख रुपये की मदद की। इसके बावजूद, उनकी हालत नाजुक बनी रही।
अभिनय ने तमिल, मलयालम, तेलुगु और कन्नड़ सिनेमा में 15 से अधिक फिल्मों में काम किया। ‘थुल्लुवधो इलमई’ के अलावा ‘सिंगारा चेन्नई’ (2004), ‘पॉन मेघलाई’ (2005), ‘दास’ (2005), ‘कैयेथुम दुराथु’ (मलयालम) और ‘वल्लावनुक्कु पुल्लुम आयुधम’ (2014) जैसी फिल्में उनके नाम हैं। वे वॉयस आर्टिस्ट भी थे – ‘थुप्पाक्की’ (2012) और ‘अंजान’ (2014) में विद्युत जामवाल की डबिंग की। विज्ञापनों में भी नजर आए, जैसे ओरियो बिस्किट और क्राउन प्लाई। लेकिन बीमारी ने उनके करियर को पटक दिया।
निधन की खबर फैलते ही सितारों ने शोक जताया। धनुष ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “भाई, तुम्हारी यादें हमेशा रहेंगी।” फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें सादगी और मेहनत के लिए याद किया जाएगा। अंतिम संस्कार चेन्नई में ही किया गया, जहां परिवार और कुछ करीबी दोस्त मौजूद थे। अभिनेता संघ ने आर्थिक सहायता का वादा किया है।
यह नुकसान साउथ सिनेमा के लिए गहरा दर्द है। अभिनय की जिंदगी संघर्षों से भरी रही, लेकिन उनकी एक्टिंग अमर हो गई। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। राधामणि परिवार को गहरा संताप।
