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फरीदाबाद से 300 किलो RDX जब्त: कश्मीर के डॉक्टर आतंकी से मिले सुराग, JeM की बड़ी साजिश नाकाम

फरीदाबाद से 300 किलो RDX जब्त: कश्मीर के डॉक्टर आतंकी से मिले सुराग, JeM की बड़ी साजिश नाकाम

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़ी आतंकी साजिश को विफल करते हुए हरियाणा के फरीदाबाद से करीब 300-350 किलो RDX, दो AK-47 राइफलें और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है। यह सफलता कश्मीर घाटी में गिरफ्तार डॉक्टर आदिल अहमद राठर की पूछताछ से मिले सुरागों पर आधारित है। राठर, जो जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का कथित ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) है, ने खुलासे किए जिनके आधार पर पुलिस ने फरीदाबाद में छापेमारी की। यह कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर और कश्मीर में समन्वित प्रयासों का नतीजा है, जो एक बड़े हमले की योजना को चकमा देगी।

डॉ. आदिल अहमद राठर, दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड का निवासी, 6 नवंबर को सहारनपुर के एक अस्पताल से गिरफ्तार किया गया था। वह पूर्व सरकारी डॉक्टर है और JeM के प्रचार के लिए श्रीनगर में पोस्टर चस्पा करने का आरोपी है। 27 अक्टूबर को श्रीनगर में JeM के पोस्टर लगाने का CCTV फुटेज मिला, जिसके बाद जांच तेज हुई। पूछताछ में राठर ने फरीदाबाद में किराए के एक डॉक्टर मुफाजिल शकील के आवास पर हथियारों और विस्फोटकों का स्टॉक होने की बात कबूली। जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSO) ने हरियाणा पुलिस के सहयोग से 9 नवंबर को छापा मारा, जहां 14 बैगों में पैक 300 किलो से अधिक RDX, दो AK-47, 84 कारतूस और केमिकल्स बरामद हुए।

यह खोज पुलवामा हमले की याद दिलाती है, जहां 2019 में 300 किलो विस्फोटकों से 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मात्रा एक या अधिक वाहन-जनित IED (व्हीकल बोरन इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के लिए पर्याप्त थी, जो सुरक्षा बलों या भीड़भाड़ वाले इलाकों पर हमला करने के लिए इस्तेमाल हो सकती थी। राठर के अलावा, एक अन्य डॉक्टर की गिरफ्तारी से और सुराग मिले हैं, जिसकी पहचान गोपनीय रखी गई है। पुलिस ने UAPA (अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया है, और JeM के पाकिस्तानी हैंडलरों की तलाश जारी है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस सफलता की सराहना की है। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी आरआर स्वान ने कहा, “आतंकी नेटवर्क के हाइब्रिड मॉडल को तोड़ने के लिए हमारी इंटेलिजेंस और ग्राउंड ऑपरेशंस मजबूत हो रहे हैं। डॉक्टर जैसे शिक्षित लोग आतंक की ओर मुड़ रहे हैं, जो चिंताजनक है।” फरीदाबाद के स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई है, लेकिन पुलिस ने आश्वासन दिया कि इलाका सुरक्षित है।

यह घटना दर्शाती है कि कश्मीर में शांति स्थापना के बावजूद JeM जैसे संगठन ओवरग्राउंड वर्कर्स के जरिए सक्रिय हैं। 2025 में अब तक कश्मीर में कई IED रिकवरी हो चुकी हैं, लेकिन यह सबसे बड़ी है। एनआईए को मामले की जांच सौंपी जा सकती है। सरकार ने सुरक्षा बलों को और सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई न केवल एक साजिश को रोकी, बल्कि आतंक के वित्तपोषण और लॉजिस्टिक्स चेन को भी झकझोर देगी। पूरे देश में सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

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