राजनीति

बिहार चुनाव में हंगामा: ‘मुझे मरवा सकते हैं’, Y+ सिक्योरिटी मिलने पर तेज प्रताप का चौंकाने वाला बयान

बिहार चुनाव में हंगामा: ‘मुझे मरवा सकते हैं’, Y+ सिक्योरिटी मिलने पर तेज प्रताप का चौंकाने वाला बयान

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी जान को खतरे की घंटी बजा दी है। केंद्र सरकार द्वारा उन्हें Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान किए जाने के बाद रविवार को पत्रकारों से बातचीत में तेज प्रताप ने कहा, “मुझे खतरा है, मेरे दुश्मन मुझे मरवा सकते हैं। अब तो हर कोई दुश्मन जैसा लग रहा है।” यह बयान बिहार की सियासी गलियारों में हड़कंप मचा रहा है, खासकर जब दूसरे चरण के मतदान के लिए 11 नवंबर को वोटिंग होनी है।

तेज प्रताप, जो जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के प्रमुख हैं और महुआ विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं, ने अपनी सुरक्षा बढ़ाए जाने को लेकर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है और कई लोग इसमें शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को यह फैसला लिया, जिसके तहत अब सीआरपीएफ की एक विशेष टीम तेज प्रताप की सुरक्षा करेगी। Y+ कैटेगरी में 11 कमांडो तैनात होते हैं—पांच घर के अंदर और आसपास, जबकि छह तीन शिफ्टों में बाहर। यह सुरक्षा वीआईपी सूची के तहत दी गई है, जो उनके बढ़ते खतरे को दर्शाती है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब तेज प्रताप और उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव के बीच पारिवारिक तनाव की खबरें सुर्खियों में हैं। तेज प्रताप को 2023 में आरजेडी से निष्कासित कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने अपनी अलग पार्टी बना ली। बावजूद इसके, रविवार को उन्होंने तेजस्वी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। तेज प्रताप ने कहा, “तेजस्वी को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं। मेरा आशीर्वाद हमेशा उनके साथ है, वे आगे बढ़ते रहें। उनके उज्ज्वल भविष्य और उन्नति की कामना करता हूं।” यह संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, लेकिन जान का खतरा बताने वाले बयान ने राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े कर दिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेज प्रताप का यह बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। महुआ सीट पर वे मजबूत लहर का दावा कर रहे हैं और कहते हैं कि उनकी पार्टी के सभी उम्मीदवार जीतेंगे। हाल ही में उन्होंने भाजपा सांसद रवि किशन का समर्थन किया था, कहते हुए कि “जो बेरोजगारी मिटाएगा और रोजगार देगा, मैं उसके साथ हूं।” लेकिन अब यह बयान विपक्षी दलों को निशाना बना सकता है। बिहार पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तेज प्रताप को मिली धमकियों की जांच चल रही है, और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

तेज प्रताप का राजनीतिक सफर हमेशा विवादों से घिरा रहा है। 2015 में बिहार चुनाव जीतने के बाद वे स्वास्थ्य मंत्री बने, लेकिन 2018 में एक विवादास्पद शादी के बाद इस्तीफा देना पड़ा। 2020 में वे फिर हार गए, लेकिन अब अपनी नई पार्टी से वापसी की कोशिश में हैं। यह बयान न केवल उनके व्यक्तिगत खतरे को उजागर करता है, बल्कि बिहार की सियासत में यादव परिवार के आंतरिक कलह को भी रेखांकित करता है। विपक्षी नेता ने कहा, “यह साजिश की आशंका गंभीर है, सरकार को पूरी जांच करनी चाहिए।” तेज प्रताप ने कहा कि उनकी मांगें मान ली गई हैं, लेकिन खतरा अभी बरकरार है।

बिहार चुनाव का दूसरा चरण कल प्रचार के आखिरी दिन के साथ समाप्त हो जाएगा, जहां अमित शाह और राहुल गांधी जैसे दिग्गज मैदान में हैं। तेज प्रताप का यह बयान चुनावी माहौल को और गरमा सकता है।

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