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करोड़ों एंड्रॉयड यूजर्स पर हैकिंग का खतरा: CERT-In की चेतावनी, तुरंत अपडेट करें फोन—ये हैं आसान स्टेप्स

करोड़ों एंड्रॉयड यूजर्स पर हैकिंग का खतरा: CERT-In की चेतावनी, तुरंत अपडेट करें फोन—ये हैं आसान स्टेप्स

भारत सरकार की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने एंड्रॉयड फोन यूजर्स के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। नवीनतम Vulnerability Note CIVN-2025-0202 के तहत एंड्रॉयड सिस्टम में कई गंभीर सिक्योरिटी फ्लॉज मिले हैं, जो हैकर्स को यूजर्स के डेटा चोरी करने, फोन कंट्रोल करने या सर्विस डिसरप्शन का मौका दे सकते हैं। यह खतरा सैमसंग, शाओमी, वनप्लस, रियलमी, वीवो, ओप्पो, मोटोरोला और गूगल पिक्सल जैसे सभी ब्रांड्स के फोन्स पर है। भारत में करोड़ों डिवाइसेस प्रभावित हो सकती हैं, खासकर जो Android 12, 13, 14 या 15 वर्जन पर चल रहे हैं। CERT-In ने यूजर्स को तुरंत सॉफ्टवेयर अपडेट करने की सलाह दी है, वरना पर्सनल डेटा लीक का रिस्क बढ़ जाएगा।

यह अलर्ट सितंबर 2025 के Android Security Bulletin पर आधारित है, जिसमें गूगल ने CVE-2024-53104 जैसी फ्लॉज का जिक्र किया है, जो पहले से ही एक्टिवली एक्सप्लॉइट हो रही हैं। हैकर्स इनका फायदा उठाकर रिमोट कोड एक्जीक्यूट कर सकते हैं, यानी फोन को दूर से कंट्रोल कर ले सकते हैं। CERT-In के अनुसार, यह समस्या सिस्टम लेवल पर है, इसलिए पुराने फोन्स ज्यादा खतरे में हैं। गूगल ने सितंबर 2025 पैच रिलीज कर दिया है, लेकिन कई यूजर्स अभी भी अपडेटेड नहीं हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत जैसे डिजिटल इंडिया देश में यह खतरा साइबर क्राइम को बढ़ावा दे सकता है।

अभी तक कोई बड़ा डेटा ब्रीच रिपोर्ट नहीं हुआ, लेकिन CERT-In ने मैन्युफैक्चरर्स और यूजर्स दोनों को जिम्मेदार ठहराया है। अगर आपका फोन अपडेटेड नहीं है, तो हैकर्स ऐप्स, लिंक्स या मैलवेयर के जरिए अटैक कर सकते हैं। सरकार ने सलाह दी है कि सितंबर 2025 या उसके बाद का सिक्योरिटी पैच चेक करें।

फोन को सुरक्षित रखने के आसान तरीके:

सॉफ्टवेयर अपडेट चेक करें: सेटिंग्स > सिस्टम > सॉफ्टवेयर अपडेट पर जाएं। अगर पैच लेवल 2025-09-01 या बाद का दिखे, तो सेफ हैं। नहीं तो तुरंत डाउनलोड-इंस्टॉल करें।

गूगल प्ले प्रोटेक्ट ऑन रखें: प्ले स्टोर > प्रोफाइल > प्ले प्रोटेक्ट > सेटिंग्स में चेक करें। यह ऐप्स को स्कैन करता है।

अननोन सोर्सेज से बचें: अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें, साइडलोडेड ऐप्स इंस्टॉल न करें। एंटीवायरस ऐप जैसे Avast या Malwarebytes यूज करें।

रिगुलर बैकअप: गूगल ड्राइव पर डेटा बैकअप रखें, ताकि हैकिंग पर डेटा न खोएं।

पासवर्ड अपडेट: स्ट्रॉन्ग पासवर्ड और बायोमेट्रिक्स यूज करें।

CERT-In ने कहा कि अपडेट न करने वाले यूजर्स पर रिस्क हाई है। अगर फोन पुराना है, तो नया मॉडल लें। साइबर क्राइम रिपोर्टिंग के लिए 1930 पर कॉल करें। यह अलर्ट डिजिटल सिक्योरिटी को मजबूत करने का मौका है—अभी एक्शन लें!

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