शमी की अनदेखी पर कोच का गुस्सा: ‘परफॉर्मेंस पर चयन नहीं हो रहा, ये सब बहानेबाजी है’
शमी की अनदेखी पर कोच का गुस्सा: ‘परफॉर्मेंस पर चयन नहीं हो रहा, ये सब बहानेबाजी है’
भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए न चुने जाने पर विवाद और गहरा गया है। शमी के बचपन के कोच मोहम्मद बदरुद्दीन ने बीसीसीआई और चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा, “परफॉर्मेंस के आधार पर चयन नहीं हो रहा… शमी को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है।” बदरुद्दीन ने फिटनेस को ‘बहानेबाजी’ करार देते हुए चेतावनी दी कि इससे भारतीय गेंदबाजी आक्रमण कमजोर हो सकता है। शमी ने रणजी ट्रॉफी में तीन मैचों में 15 विकेट झटककर फिटनेस साबित की, लेकिन चयन समिति ने उन्हें बाहर रखा।
मोहम्मद शमी, जो 2024 में चोट के कारण लंबे समय से मैदान से दूर थे, ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में शानदार वापसी की थी। लेकिन उसके बाद इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और अब साउथ अफ्रीका दौरे के लिए लगातार नजरअंदाज। अगरकर ने अक्टूबर में एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में कहा था, “शमी की फिटनेस पर्याप्त नहीं थी।” लेकिन शमी ने खुद यूट्यूब पर कहा, “मैं फिट हूं, प्रैक्टिस कर रहा हूं। सेलेक्शन कोच-कप्तान का काम है।” बदरुद्दीन ने इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में फटकार लगाई, “रणजी में 15 विकेट लेने वाला खिलाड़ी अनफिट कैसे? चयन पहले से तय लगता है। T20 फॉर्मेट पर टेस्ट चयन गलत है।” उन्होंने शमी की मानसिक परेशानी का भी जिक्र किया, “वो परेशान हैं, लेकिन जल्द वापसी करेंगे।”
यह विवाद सितंबर से चल रहा है, जब वेस्टइंडीज सीरीज के लिए भी शमी को बाहर किया गया। फैंस सोशल मीडिया पर अगरकर पर भड़क रहे हैं—कईयों का कहना है कि शमी के पुराने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाने की वजह से ‘सजा’ मिल रही है। एक फैन ने लिखा, “अनुभव को दरकिनार कर युवाओं को तरजीह? ये तो भारतीय क्रिकेट का नुकसान है।” विशेषज्ञों का मानना है कि साउथ अफ्रीका जैसे कठिन पिचों पर शमी की स्विंग और अनुभव जरूरी है। पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा, “फिटनेस का बहाना ठीक नहीं। शमी को मौका दो।” बीसीसीआई ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन अगरकर ने कहा कि शमी से बात करेंगे।
शमी ने रणजी में बंगाल के लिए उत्तराखंड के खिलाफ 3 विकेट लिए, लेकिन टीम इंडिया से दूरी बनी हुई है। बदरुद्दीन ने चेताया, “अगर ऐसे ही चला तो शमी का करियर खतरे में पड़ जाएगा।” यह मुद्दा IPL 2026 से पहले टीम बैलेंस पर सवाल खड़े कर रहा है। फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता आए। फिलहाल, शमी डोमेस्टिक पर फोकस कर रहे हैं, लेकिन कोच का बयान बीसीसीआई के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है।
