फ्लिपकार्ट पर भड़का विवाद: बंदूकें, न्यूड मॉडल्स और गांजे के ऐड्स के स्क्रीनशॉट वायरल, कंपनी ने कहा ‘फर्जी’
फ्लिपकार्ट पर भड़का विवाद: बंदूकें, न्यूड मॉडल्स और गांजे के ऐड्स के स्क्रीनशॉट वायरल, कंपनी ने कहा ‘फर्जी’
ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी फ्लिपकार्ट एक बार फिर सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स के निशाने पर आ गई है। प्लेटफॉर्म पर कथित आपत्तिजनक विज्ञापनों के स्क्रीनशॉट वायरल हो गए हैं, जिनमें बंदूकें, न्यूड मॉडल्स की तस्वीरें और गांजे से जुड़े प्रोडक्ट्स दिखाए जा रहे हैं। यूजर्स ने इन्हें ‘अनैतिक’ और ‘भारतीय संस्कृति के खिलाफ’ बताते हुए #BoycottFlipkart ट्रेंड चला दिया। कंपनी ने तुरंत सफाई दी है कि ये ऐड्स फर्जी हैं और किसी हैकर या प्रतिस्पर्धी की साजिश का हिस्सा हो सकते हैं। केंद्रीय आईटी मंत्रालय ने जांच के आदेश दे दिए हैं, जबकि साइबर सेल ने स्क्रीनशॉट्स की वैरिफिकेशन शुरू कर दी।
वायरल स्क्रीनशॉट्स में फ्लिपकार्ट की होम पेज जैसी दिखने वाली इमेजेस हैं, जहां ‘बेस्ट सेलर्स’ सेक्शन में AK-47 जैसी असॉल्ट राइफल्स, न्यूड पोज में मॉडल्स की फोटोज और गांजे के वैपोराइजर्स व एडिबल्स के ऐड्स प्रमुखता से दिखाए गए। एक स्क्रीनशॉट में ‘गांजा स्पेशल डील: 50% ऑफ’ लिखा है, जबकि दूसरे में ‘न्यूड आर्ट प्रिंट्स’ कैटेगरी में सेमी-नग्न तस्वीरें हैं। सोशल मीडिया पर हजारों यूजर्स ने शेयर किया, जिसमें एक यूजर ने लिखा, “फ्लिपकार्ट अब क्या बेच रहा है? बंदूकें और ड्रग्स? ये भारत है या अमेरिका?” वायरल पोस्ट्स ने 24 घंटों में 5 लाख से ज्यादा रीट्वीट्स बटोरे।
फ्लिपकार्ट के प्रवक्ता ने स्टेटमेंट जारी कर कहा, “ये स्क्रीनशॉट्स पूरी तरह फर्जी हैं। हमारी साइट पर कभी ऐसी सामग्री नहीं दिखाई जाती। हमारी कंटेंट पॉलिसी सख्त है, जो भारतीय कानूनों का पालन करती है।” कंपनी ने बताया कि उनके एड अल्गोरिदम में कोई गड़बड़ी नहीं है, और ये इमेजेस फोटोशॉप्ड लग रही हैं। पिछले महीने भी फ्लिपकार्ट पर सेक्सिस्ट ऐड्स के लिए माफी मांगनी पड़ी थी, जब एक वीडियो में पतियों को ‘आलसी’ कहा गया था। लेकिन इस बार मामला ज्यादा गंभीर है, क्योंकि बंदूकें और ड्रग्स NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन का संकेत देते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह डीपफेक या AI-जनरेटेड कंटेंट हो सकता है, जो ई-कॉमर्स कंपनियों को बदनाम करने के लिए इस्तेमाल हो रहा है। साइबर सिक्योरिटी फर्म क्विक हिल ने एनालिसिस में पाया कि स्क्रीनशॉट्स में URL फ्लिपकार्ट का नहीं, बल्कि किसी फेक डोमेन का है। मीन्स्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी (MeitY) ने फ्लिपकार्ट को नोटिस भेजा है और 48 घंटों में रिपोर्ट मांगी है। यूजर्स से अपील की गई है कि फर्जी कंटेंट शेयर न करें। अमेजन और मीशो जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियां चुप हैं, लेकिन इंडस्ट्री सोर्सेज कहते हैं कि यह साइबर अटैक का चेन पार्ट हो सकता है।
यह विवाद फ्लिपकार्ट की Big Billion Days सेल से ठीक पहले आया है, जो 10 नवंबर से शुरू होनी है। कंपनी ने एक्स्ट्रा सिक्योरिटी मेजर्स लेने का ऐलान किया है। सोशल मीडिया पर बहस तेज है—कुछ यूजर्स कंपनी का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ बॉयकॉट की धमकी दे रहे। फिलहाल, पुलिस ने दो संदिग्ध अकाउंट्स को ट्रैक कर लिया है, जिनसे ये इमेजेस ओरिजिनेट हुईं। यह घटना ऑनलाइन शॉपिंग की सेफ्टी पर सवाल खड़े कर रही है।
