इंदौर ‘हनीमून मर्डर केस’: मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत, जल्द जेल से हो सकती है रिहाई
इंदौर ‘हनीमून मर्डर केस’: मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत, आज शाम जेल से हो सकती है रिहाई
क्राइम डेस्क, शिलांग/इंदौर देशभर को दहला देने वाले इंदौर के बहुचर्चित ‘हनीमून मर्डर केस’ में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को बड़ी राहत मिली है। मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिला और सत्र न्यायालय ने सोनम की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, करीब 10 महीने जेल में बिताने के बाद सोनम की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
जांच में सहयोग और चार्जशीट का दिया हवाला
सोनम रघुवंशी की ओर से यह याचिका लीगल एड सेल के माध्यम से दायर की गई थी। बचाव पक्ष ने दलील दी कि:
पुलिस द्वारा मामले की जांच पूरी की जा चुकी है।
न्यायालय में 790 पन्नों की चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
आरोपी पिछले 10 महीनों से हिरासत में है और उसने जांच में पूरा सहयोग किया है।
भविष्य में भी वह जांच और अदालती कार्यवाही में सहयोग जारी रखेंगी।
सूत्रों के मुताबिक, सोनम के पिता और चचेरे भाई जमानत बॉन्ड भरने के लिए शिलांग पहुंच चुके हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज शाम तक उनकी रिहाई संभव है। गौरतलब है कि मामले के अन्य चार आरोपियों ने फिलहाल जमानत की अर्जी दाखिल नहीं की है।
क्या था मामला? हनीमून बना मौत का जाल
पिछले साल मई में मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी व्यवसायी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून मनाने मेघालय गए थे। 21 मई को वे शिलांग पहुंचे और 26 मई को सोहरा (चेरापूंजी) घूमने के दौरान रहस्यमयी ढंग से लापता हो गए।
बड़े पैमाने पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद 2 जून को राजा रघुवंशी का शव सोहरा के मशहूर ‘वेई सादोंग फॉल्स’ के पास एक गहरी खाई से बरामद किया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी।
साजिश के पीछे का ‘ट्रायंगल’
पुलिस जांच के अनुसार, सोनम रघुवंशी के राज कुशवाहा नामक व्यक्ति के साथ संबंध थे। दोनों ने मिलकर राजा रघुवंशी को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। इसके लिए:
भाड़े के हत्यारे: मध्य प्रदेश से तीन हमलावरों—विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी को हायर किया गया।
मौके पर वारदात: हनीमून के बहाने राजा को सोहरा की घाटी ले जाया गया, जहाँ सोनम की मौजूदगी में इन तीनों हमलावरों ने उसकी हत्या कर शव खाई में फेंक दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
हत्या के एक सप्ताह के भीतर ही मेघालय पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सोनम समेत पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। 5 सितंबर को पुलिस ने कोर्ट में व्यापक आरोप-पत्र (चार्जशीट) पेश किया था। हालांकि, सभी आरोपियों ने अब तक अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
बड़ी बात: जेवर एयरपोर्ट की तरह ही यह केस भी अपनी उलझी हुई साजिश के कारण राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में रहा है। अब मुख्य आरोपी को जमानत मिलने के बाद इस मामले के ट्रायल पर सबकी नजरें टिकी हैं।
