एशियाई बाजारों में भारी गिरावट: जापान-कोरिया से सेंसेक्स-निफ्टी तक लाल निशान, खुलते ही ये 10 शेयर धराशायी
एशियाई बाजारों में भारी गिरावट: जापान-कोरिया से सेंसेक्स-निफ्टी तक लाल निशान, खुलते ही ये 10 शेयर धराशायी
वैश्विक बाजारों में छाई मंदी की आंधी ने एशिया से लेकर भारत तक हाहाकार मचा दिया है। अमेरिकी टेक स्टॉक्स की ऊंची वैल्यूएशन पर चिंताओं के बीच वॉल स्ट्रीट की कमजोरी ने एशियाई बाजारों को झकझोर दिया, जिसका असर सेंसेक्स और निफ्टी पर भी पड़ा। सुबह होते ही भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लुढ़क गए—बीएसई सेंसेक्स करीब 500 अंकों की छलांग के साथ 83,000 से नीचे फिसल गया, जबकि एनएसई निफ्टी 25,350 के आसपास घूमते हुए 150 अंकों से ज्यादा लुढ़का। निवेशकों ने करीब 2 लाख करोड़ रुपये की पूंजी गंवाई, क्योंकि एफआईआई की बिकवाली और घरेलू कमजोरी ने बाजार को दबाव में डाल दिया।
एशियाई बाजारों में कोहराम मच गया। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 2% से ज्यादा लुढ़ककर 1.4% की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि टोपिक्स 0.5% नीचे रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.6% धस गया, जिसमें चिप दिग्गज सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसकेई हाइनिक्स क्रमशः 4% और 1% लुढ़के। हांगकांग का हैंग सेंग 0.8% नीचे रहा, तो ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 भी 0.3% फिसला। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन की नई टैरिफ नीतियां और एआई स्टॉक्स की फिक्स्ड वैल्यूएशन ने निवेशकों का भरोसा डिगा दिया। अमेरिकी एसएंडपी 500 1.12% और नैस्डैक 1.9% नीचे बंद हुए, जिसने एशियाई बाजारों को लाल झंडी दिखा दी।
भारतीय बाजार खुलते ही बिखर गया। सेंसेक्स में 500 अंकों की गिरावट के साथ यह 82,800 के आसपास नजर आया, जबकि निफ्टी 25,350 पर सिमट गया। सेक्टरल फ्रंट पर आईटी, मेटल और रियल्टी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। एफआईआई ने गुरुवार को 1,200 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि डीआईआई ने हल्की खरीदारी से बाजार को सहारा दिया। ब्रॉडर मार्केट में मिडकैप और स्मॉलकैप भी 0.5-1% नीचे रहे। एनएसई पर वॉल्यूम सामान्य से 20% ज्यादा रहा, जो घबराहट को दर्शाता है।
खुलते ही सबसे ज्यादा चोट खाने वाले 10 प्रमुख शेयरों ने निवेशकों की नींद उड़ा दी। एयरटेल 3.2% लुढ़का, एनटीपीसी 2.8% नीचे रहा, तो पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन 3% धस गया। एडानी एंटरप्राइजेज 2.5%, टाटा स्टील 2.2%, जेएसडब्ल्यू स्टील 2.1%, इंडसइंड बैंक 2.4%, एक्सिस बैंक 2.3%, बजाज फिनसर्व 2.2% और एमएंडएम 1.8% गिरे। ये गिरावटें आईटी सेक्टर की कमजोरी और मेटल प्राइसेज में वैश्विक दबाव से जुड़ी हैं।
विश्लेषकों ने सलाह दी है कि 25,000 का सपोर्ट लेवल निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण है, नीचे जाने पर और गिरावट हो सकती है। आरबीआई की पॉलिसी और अमेरिकी इन्फ्लेशन डेटा पर नजरें टिकी हैं। फिलहाल, बाजार में सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।
