सरयू नदी में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी: चीख-पुकार मच गई, 4 को बचाया, 1 युवती लापता!
सरयू नदी में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी: चीख-पुकार मच गई, 4 को बचाया, 1 युवती लापता!
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सरयू नदी पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए नाव से आरती स्थल जा रहे पांच श्रद्धालुओं की नाव मंगलवार शाम करीब 7 बजे नयाघाट के पास पलट गई। मौके पर चीख-पुकार मच गई, लेकिन स्थानीय लोगों और प्रशासन की तत्परता से चार लोगों को बचा लिया गया। हालांकि, एक 22 वर्षीय युवती काशिश सिंह नदी में बह गई और अब तक लापता है। बचाव दल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है, लेकिन अंधेरे और तेज बहाव के कारण मुश्किलें बढ़ गई हैं।
जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालु नयाघाट आरती स्थल की ओर जा रहे थे। अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया, जिससे सभी पानी में समा गए। चश्मदीदों ने बताया, “चीखें सुनाई दीं, लोग तैरने की कोशिश कर रहे थे। आसपास के नाविकों ने तुरंत रस्सी फेंककर चार को खींचा।” बचाए गए लोगों में दो महिलाएं, एक पुरुष और एक बच्चा शामिल हैं। वे सभी स्थानीय निवासी हैं और सदर कोतवाली क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। काशिश सिंह लखनऊ की रहने वाली हैं, जो परिवार संग तीर्थयात्रा पर आई थीं। उनके परिवार वाले घाट पर ही थे और हादसे के बाद सदमे में हैं।
अयोध्या प्रशासन ने तुरंत एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) और एनडीआरएफ की टीम बुलाई। डीएम अयोध्या ने कहा, “रात भर सर्च चलेगा। ड्रोन और लाइट्स का इस्तेमाल हो रहा है। सुबह डाइवर्स उतरेंगे।” एसएसपी ने ओवरलोडिंग और सेफ्टी चेक की जांच के आदेश दिए। यह हादसा राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद बढ़ते पर्यटन को लेकर सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सूर्यास्त के बाद नाव संचालन पर पाबंदी लगनी चाहिए, जैसा कि बिहार के गंगा हादसों में देखा गया।
पिछले साल भी सरयू में इसी तरह के हादसे हुए, जहां देवरिया में एक दर्जन श्रद्धालु बचाए गए थे। अयोध्या में राम जन्मभूमि का महत्व बढ़ने से नदी पर भीड़ उमड़ रही है, लेकिन सुरक्षा उपाय कमजोर नजर आते हैं। काशिश की तलाश में स्थानीय मछुआरे भी मदद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सूचना दी गई है, जो जल्द निर्देश दे सकते हैं। क्या यह हादसा पर्यटन सुरक्षा पर जागरूकता लाएगा? परिवार की प्रार्थना है कि लापता युवती सुरक्षित मिलें।
