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फिलीपींस पर टूटा तूफान कलमाएगी का कहर: 66 की मौत, लाखों बेघर!

फिलीपींस पर टूटा तूफान कलमाएगी का कहर: 66 की मौत, लाखों बेघर!

फिलीपींस को इस साल का सबसे विनाशकारी तूफान कलमाएगी ने बुरी तरह जकड़ लिया है। मंगलवार को सेंट्रल क्षेत्र में लैंडफॉल के बाद तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी, जिसमें कम से कम 66 लोगों की जान चली गई और 26 अन्य लापता बताए जा रहे हैं। सेबू प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जहां 49 मौतें दर्ज की गईं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 3 लाख से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर भागे, लेकिन बाढ़ ने पूरे शहरों को जलमग्न कर दिया।

तूफान कलमाएगी, जिसे स्थानीय रूप से टिनो नाम दिया गया है, सोमवार रात को पैसिफिक से दाखिल हुआ। इसकी रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा और हवाओं की गति 165 किलोमीटर तक पहुंच गई। सेबू सिटी में 24 घंटों में 183 मिलीमीटर बारिश हुई, जो मासिक औसत से कहीं ज्यादा है। बाढ़ का पानी इतना उफान मार गया कि लोग अपनी छतों पर फंस गए, जबकि दर्जनों कारें बह गईं। सड़कें मलबे से पट गईं, घर ढह गए और बिजली-पानी की आपूर्ति ठप हो गई। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “28 सालों में कभी इतना भयानक तूफान नहीं देखा। सब कुछ तबाह हो गया।”

इस आपदा में सैन्य हेलीकॉप्टर भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें छह सैनिकों की मौत हो गई। वे राहत सामग्री पहुंचा रहे थे। दक्षिणी लेयते प्रांत में एक बुजुर्ग बाढ़ में बह गया, जबकि बोहोल में गिरे पेड़ ने एक व्यक्ति को मार डाला। फिलीपींस की मौसम एजेंसी PAGASA ने चेतावनी दी थी कि तूफान से 3 मीटर ऊंची स्टॉर्म सर्ज आ सकती है, जो तटीय इलाकों के लिए घातक साबित हुई। तूफान अब कमजोर हो रहा है, लेकिन वियतनाम की ओर बढ़ रहा है, जहां पहले से ही बाढ़ से 40 मौतें हो चुकी हैं।

यह तूफान फिलीपींस के लिए दोहरी मार है। सितंबर में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें दर्जनों मारे गए थे। फिर सुपर टाइफून रागासा ने उत्तरी लुजॉन को तबाह किया। औसतन 20 तूफान सालाना आने वाले इस देश में जलवायु परिवर्तन ने आपदाओं को और भयावह बना दिया है। सरकार ने आपातकाल घोषित कर राहत कार्य तेज कर दिए हैं। रेड क्रॉस और सेना हजारों को खाना, पानी और दवाएं पहुंचा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत में महीनों लगेंगे, और फसलें नष्ट होने से आर्थिक नुकसान अरबों डॉलर का होगा।

फिलीपींस के राष्ट्रपति ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, “हम इस संकट से उबरेंगे।” लेकिन सवाल यह है कि क्या ये बार-बार आने वाली आपदाएं देश की तैयारी को चुनौती देंगी? वियतनाम में भी अलर्ट जारी है। दुनिया भर से सहायता की अपील की जा रही है। फिलीपींस की सड़कों पर अब मलबा साफ करने का संघर्ष जारी है, लेकिन उम्मीद की किरण बाकी है।

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