‘RSS पर लगे बैन, पटेल की विरासत का अपमान कर रही बीजेपी’: खड़गे ने मोदी सरकार पर बोला जोरदार हमला
‘RSS पर लगे बैन, पटेल की विरासत का अपमान कर रही बीजेपी’: खड़गे ने मोदी सरकार पर बोला जोरदार हमला
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर एक ओर जहां पूरे देश में उनकी स्मृति में कार्यक्रम हो रहे हैं, वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर तीखा प्रहार किया। दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में खड़गे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर बैन लगाने की मांग की और कहा कि बीजेपी पटेल की विरासत का अपमान कर रही है। उन्होंने पटेल के 1948 के पत्र का हवाला देते हुए RSS को गांधीजी की हत्या के बाद पैदा हुई नफरत फैलाने वाली संगठन बताया। यह बयान पटेल की 150वीं जयंती और इंदिरा गांधी की 40वीं पुण्यतिथि के खास मौके पर आया, जिसे खड़गे ने ‘आयरन मैन’ और ‘आयरन लेडी’ की एकजुटता का प्रतीक बताया।
बयान का बैकग्राउंड: पटेल-नेहरू पर सियासत
खड़गे का यह हमला प्रधानमंत्री मोदी के हालिया बयान के जवाब में आया, जिसमें मोदी ने कांग्रेस पर ‘गुलामी की मानसिकता’ थोपने का आरोप लगाया और कहा कि पटेल कश्मीर को पूरी तरह भारत से जोड़ना चाहते थे, लेकिन नेहरू ने नहीं होने दिया। खड़गे ने इसे ‘इतिहास का तोड़-मरोड़’ करार देते हुए कहा, “पटेल और नेहरू एक ही सिक्के के दो पहलू थे। नेहरू ने पटेल को एकजुट करने वाला बताया, तो पटेल ने नेहरू को देश का आदर्श कहा। मोदी जी इतिहास बदलकर विभाजन पैदा कर रहे हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि RSS को पटेल ने ही गांधी हत्या के बाद बैन किया था, क्योंकि संगठन ने नफरत का माहौल बनाया था।
मुख्य बिंदु: खड़गे के आरोप और मांगें
RSS पर बैन की मांग: जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या RSS पर बैन लगना चाहिए, तो खड़गे ने कहा, “मेरी व्यक्तिगत राय में, हां। यह किया जाना चाहिए।” उन्होंने जुलाई 2024 में मोदी सरकार के 58 साल पुराने प्रतिबंध को हटाने का फैसला रद्द करने की मांग की, जो सरकारी कर्मचारियों को RSS गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति देता है। खड़गे ने कहा, “RSS ने स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं दिया, बल्कि संविधान को मनुवादी आदर्शों पर आधारित न होने का आरोप लगाकर उसकी प्रतियां जलाईं।”
पटेल की विरासत का अपमान: खड़गे ने बीजेपी पर पटेल की विरासत हथियाने का आरोप लगाया। कहा, “पटेल का विचारधारा RSS के विपरीत था। वे धर्मनिरपेक्षता के रक्षक थे। बीजेपी-RSS राष्ट्रीय नायकों के खिलाफ सुनियोजित साजिश रच रहे हैं।” उन्होंने संसद से गांधी और अंबेडकर की मूर्तियां हटाकर उन्हें कोने में रखने को भी अपमान बताया।
कानून-व्यवस्था पर चिंता: खड़गे ने देश में बढ़ते हंगामों को RSS-BJP से जोड़ा। कहा, “लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ रहा है, और इसके पीछे ये संगठन हैं।”
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: बीजेपी का पलटवार
बीजेपी का जवाब: केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, “कांग्रेस पटेल की विरासत पर दावा करने वाली पार्टी नहीं। मोदी जी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाकर पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि दी, जबकि कांग्रेस ने उन्हें नेहरू के बाद नजरअंदाज किया। RSS पर बैन की मांग हताशा का नतीजा है।” पीएम मोदी ने भी एक रैली में कहा, “कांग्रेस ब्रिटिश काल की गुलामी से बाहर नहीं निकली, लेकिन हम भारत को पटेल के सपनों का भारत बना रहे हैं।”
कांग्रेस का बचाव: सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने खड़गे का समर्थन किया। राहुल ने एक्स पर पोस्ट किया, “पटेल ने RSS को बैन किया क्योंकि वे राष्ट्र-विरोधी थे। खड़गे साहब सही कह रहे हैं।”
विपक्ष का साथ: समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने कहा, “खड़गे का बयान साहसी है। बीजेपी इतिहास को तोड़ रही है।”
सोशल मीडिया पर हलचल
एक्स पर #BanRSS और #PatelLegacy ट्रेंड कर रहा है। कांग्रेस समर्थक मीम्स शेयर कर रहे हैं, जैसे “पटेल ने RSS बैन किया, मोदी ने अनबैन—कौन सच्चा वारिस?” जबकि BJP यूजर्स खड़गे को “इतिहास का विकृतिकर्ता” बता रहे हैं। एक पोस्ट में लिखा, “खड़गे जी, पटेल कांग्रेस के थे, लेकिन RSS राष्ट्र की रीढ़ है।”
यह बयान बिहार और गुजरात चुनावों से पहले सियासत को और गरमा देगा। खड़गे का यह कदम कांग्रेस की ‘इतिहास बचाओ’ कैंपेन को मजबूती देता है। पटेल की विरासत पर यह जंग लंबी चलेगी.
