मोकामा हत्याकांड: दुलारचंद यादव की शव यात्रा में गोलीबारी और पत्थरबाजी, इलाके में भारी तनाव; अनंत सिंह पर आरोप
मोकामा हत्याकांड: दुलारचंद यादव की शव यात्रा में गोलीबारी और पत्थरबाजी, इलाके में भारी तनाव; अनंत सिंह पर आरोप
बिहार विधानसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच मोकामा टाल क्षेत्र में दुलारचंद यादव की हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया है। गुरुवार (30 अक्टूबर) को जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे 65-70 वर्षीय दुलारचंद यादव की गोली मारकर और गाड़ी से कुचलकर हत्या के बाद शुक्रवार को उनकी शव यात्रा के दौरान फिर हिंसा भड़क उठी। हजारों की भीड़ के बीच श्मशान घाट जाते वक्त अनंत सिंह के कथित समर्थकों ने गोलीबारी और पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने भारी बल तैनात कर दिया है, लेकिन इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। दुकानें बंद हैं और ‘बाहुबली को फांसी दो’ के नारे गूंज रहे हैं।
हत्या का बैकग्राउंड: चुनावी रंजिश की भेंट चढ़ा दुलारचंद
घटना का विवरण: गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे भदौर थाना क्षेत्र के बसावनचक या खुशहालचक के पास जनसुराज का प्रचार काफिला अनंत सिंह (जेडीयू प्रत्याशी) के काफिले से आमने-सामने हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नारेबाजी से शुरू हुई झड़प हिंसक हो गई। दुलारचंद को पहले लाठियों से पीटा गया, फिर पैर में गोली मारी गई (कुल 10+ गोलियां चलीं), और अंत में उनकी ही गाड़ी (या हमलावरों की) से कुचल दिया गया। घटनास्थल पर उनकी गाड़ी में गोलियों के निशान और शीशे टूटे मिले।
दुलारचंद कौन थे?: मोकामा टाल क्षेत्र के प्रभावशाली नेता, पूर्व राजद समर्थक और अपराधी पृष्ठभूमि के। उन पर हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट जैसे कई केस दर्ज थे। 80-90 के दशक में उनका दबदबा था, लेकिन हाल में वे जनसुराज से जुड़ पीयूष प्रियदर्शी (उर्फ लल्लू मुखिया) के लिए वोट मांग रहे थे। जनसुराज ने स्पष्ट किया कि वे आधिकारिक सदस्य नहीं, बल्कि स्वैच्छिक समर्थक थे।
पुलिस कार्रवाई: पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार सुबह 11 बजे शव यात्रा निकली। पुलिस ने मृतक के पोते रवि कुमार के बयान पर अनंत सिंह, उनके भतीजे रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, संजय सिंह और छोटन सिंह समेत 5 पर नामजद FIR दर्ज की। पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने कहा, “दोनों पक्षों में मारपीट हुई, जांच जारी है।” इलाके में कैंपिंग पुलिस तैनात है।
शव यात्रा में बवाल: गोलीबारी ने बढ़ाया डर
शुक्रवार को पंडारक और टाल क्षेत्र में दुलारचंद का शव घर पर रखा रहा। सुबह हजारों समर्थकों के साथ अंतिम यात्रा निकली, लेकिन रास्ते में अनंत सिंह समर्थकों ने फायरिंग और पत्थर फेंके। उग्र भीड़ ने जवाब में पत्थरबाजी की, कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं।
इलाके में दहशत: दुकानें बंद, सड़कें सूनी। जनसुराज समर्थक आक्रोशित हैं, जबकि अनंत सिंह के समर्थक इसे “साजिश” बता रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: बाहुबलियों पर सियासत
अनंत सिंह (जेडीयू): “यह सूरजभान सिंह (राजद प्रत्याशी वीणा देवी के पति) की साजिश है। दुलारचंद उनके ही आदमी थे। हम निर्दोष हैं।” उन्होंने हत्या को “राजनीतिक ड्रामा” बताया।
सूरजभान सिंह: “हमारा कोई लेना-देना नहीं। अनंत सिंह खुद फंसने की कोशिश कर रहे।”
प्रशांत किशोर (जनसुराज): वीडियो में कहा, “यह जंगलराज है। दुलारचंद निर्दोष थे, हम न्याय मांगेंगे।”
पप्पू यादव: मोकामा पहुंचे और बोले, “बाहुबलियों को टिकट दोगे तो हत्याएं होंगी। नीतीश सरकार फेल।”
संजय सिंह (आप): एक्स पर पोस्ट, “सुशासन या दुशासन? मोकामा-सिवान जैसी घटनाएं बिहार की सच्चाई।”
अन्य: विपक्ष ने NDA पर हमला बोला, जबकि BJP-JDU ने “चुनावी साजिश” का आरोप लगाया।
आगे क्या? चुनाव पर असर
यह घटना बिहार चुनाव (नवंबर 2025) को और गरमा देगी। मोकामा सीट पर अनंत सिंह vs पीयूष प्रियदर्शी vs वीणा देवी (राजद) का त्रिकोणीय मुकाबला था, अब हिंसा हावी। पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त फोर्स भेजी है। EC ने नोटिस जारी करने की बात कही। विशेषज्ञों का कहना है कि टाल क्षेत्र का पुराना बाहुबली इतिहास (अनंत सिंह का दबदबा) फिर उभर आया।
परिवार न्याय की मांग कर रहा है। अगर आप लोकल अपडेट्स चाहें, तो बताएं। बिहार की सियासत में यह “खूनी चुनाव” का नया अध्याय लगता है—क्या लगता है, न्याय मिलेगा?
