कन्नौज में सनसनीखेज घटना: नाबालिग लड़की का अपहरण, जबरन धर्मांतरण का दबाव और फर्जी शादी का ड्रामा, पुलिस एनकाउंटर में आरोपी दबोचा
कन्नौज में सनसनीखेज घटना: नाबालिग लड़की का अपहरण, जबरन धर्मांतरण का दबाव और फर्जी शादी का ड्रामा, पुलिस एनकाउंटर में आरोपी दबोचा
कन्नौज: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में एक नाबालिग छात्रा के अपहरण और जबरन धर्मांतरण की साजिश ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। तालग्राम थाना क्षेत्र के ताहपुर गांव में 26 अक्टूबर को हुई इस घटना का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने मंगलवार को आरोपी 18 वर्षीय इमरान के साथ मुठभेड़ की। एनकाउंटर में आरोपी के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, और उसे तिर्वा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से अवैध तमंचा बरामद किया है। यह मामला न केवल अपहरण और धमकी का है, बल्कि सोशल मीडिया पर बुर्का पहनाकर फोटो पोस्ट कर शादी का नाटक रचने की साजिश भी सामने आई है।
मामले की शुरुआत 26 अक्टूबर को हुई जब मंजू देवी (पीड़िता की मां) ने तालग्राम थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग बेटी कुछ दिनों से लापता थी। जांच में पता चला कि इमरान ने छात्रा को बहला-फुसलाकर भगा लिया था। सोशल मीडिया पर बुर्का पहने छात्रा की फोटो पोस्ट कर आरोपी ने शादी का झांसा दिया, जो पूरी तरह फर्जी था। पीड़िता को बरामद करने के बाद उसके बयान से सनसनीखेज खुलासा हुआ। उसने पुलिस को बताया कि इमरान लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव डाल रहा था। मना करने पर धमकी दी जाती थी कि उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो वायरल कर दिए जाएंगे। यह सुनते ही पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी।
एसपी विनोद कुमार ने बताया कि रात करीब 1 बजे तालग्राम थाना क्षेत्र में पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी फरार है और उसके पास हथियार है। घेराबंदी के दौरान इमरान ने गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस ने की। पैर में गोली लगने से वह गिरफ्त में आ गया। आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट, अपहरण, धमकी, अवैध हथियार और जबरन धर्मांतरण से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी ने कहा, “यह साजिश सुनियोजित थी। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी जांचा जा रहा है। पीड़िता सुरक्षित है और काउंसलिंग दी जा रही है।” कन्नौज पुलिस ने ट्विटर पर घटना की जानकारी शेयर की.
यह घटना उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के बढ़ते मामलों को उजागर करती है। हाल ही में हरियाणा के नूंह और करनाल में भी ऐसी साजिशें सामने आईं, जहां अपहरण के बाद फर्जी निकाह और जबरन शादी की कोशिश की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग इन अपराधों को आसान बना रहा है। कन्नौज प्रशासन ने अब गांवों में जागरूकता अभियान चलाने का फैसला लिया है, ताकि लड़कियों को ऐसी साजिशों से बचाया जा सके। पीड़िता के परिवार ने पुलिस की तत्परता की सराहना की, लेकिन कहा कि आरोपी को सख्त सजा मिलनी चाहिए। कुल मिलाकर, यह मामला कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है।
