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सोना-चांदी से कच्चा तेल तक ठप: MCX पर 4 घंटे से ज्यादा चली ट्रेडिंग, टेक्निकल गड़बड़ी बनी बड़ी वजह

सोना-चांदी से कच्चा तेल तक ठप: MCX पर 4 घंटे से ज्यादा चली ट्रेडिंग, टेक्निकल गड़बड़ी बनी बड़ी वजह

देश की सबसे बड़ी कमोडिटी एक्सचेंज मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025 को एक बड़ा झटका लगा। सोना, चांदी, कच्चा तेल, बेस मेटल्स और अन्य प्रमुख कमोडिटीज की फ्यूचर्स ट्रेडिंग सुबह 9 बजे के निर्धारित समय से 4 घंटे से ज्यादा देरी से शुरू हुई। एक्सचेंज की ओर से जारी अपडेट के मुताबिक, एक ‘टेक्निकल इश्यू’ के कारण ट्रेडिंग पूरी तरह ठप हो गई थी, जिससे ट्रेडर्स में भारी नाराजगी फैल गई। यह इस साल MCX पर दूसरी बड़ी गड़बड़ी है, जो मासिक एक्सपायरी डे पर हुई, जब ट्रेडिंग वॉल्यूम सबसे ज्यादा रहता है।

MCX ने सुबह 9:30 बजे एक सर्कुलर जारी कर कहा था कि ट्रेडिंग डिजास्टर रिकवरी (DR) साइट से शुरू होगी। लेकिन 10 बजे तक भी वेबसाइट और ब्रोकर टर्मिनल्स पर कोई हलचल नहीं दिखी। गोल्ड, सिल्वर और क्रूड ऑयल फ्यूचर्स में बिड-आस्क रेट्स जीरो पर फ्रीज हो गए थे, जिससे ट्रेडर्स स्क्रीन्स पर कुछ भी देखने को नहीं मिला। 10:30 बजे एक और अपडेट आया, लेकिन समस्या बरकरार रही। आखिरकार, दोपहर 1:25 बजे DR साइट से ट्रेडिंग रिज्यूम हुई। एक्सचेंज ने कहा, “टेक्निकल इश्यू के कारण देरी हुई। जांच शुरू कर दी गई है, और सभी सिस्टम अब नॉर्मल हैं। असुविधा के लिए खेद है।” हालांकि, गड़बड़ी की सटीक वजह का खुलासा नहीं किया गया।

यह घटना ट्रेडर्स के लिए झटका साबित हुई। सोशल मीडिया पर #MCXDown ट्रेंड करने लगा, जहां ट्रेडर्स ने देरी पर गुस्सा जताया। एक ट्रेडर ने ट्वीट किया, “मासिक एक्सपायरी पर यह क्या मजाक है? लाखों का नुकसान हो रहा है!” जुलाई 2025 में भी MCX पर ऐसी ही समस्या आई थी, जब ट्रेडिंग 1 घंटे लेट शुरू हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिस्टम ओवरलोड या सॉफ्टवेयर ग्लिच हो सकता है, लेकिन एक्सचेंज की ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं आया। SEBI ने भी मामले की निगरानी शुरू कर दी है।

ट्रेडर्स ने वैकल्पिक रास्ता अपनाया। कई ने NSE के कमोडिटी सेगमेंट पर स्विच किया, जहां गोल्ड, सिल्वर, क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस, कॉपर और जिंक जैसे कॉन्ट्रैक्ट्स उपलब्ध हैं। ब्रोकर्स जैसे Zerodha ने अलर्ट जारी कर कहा, “MCX इंटरमिटेंट इश्यू से ठप है। NSE पर ट्रेड करें।” इस देरी से ग्लोबल मार्केट्स के साथ कनेक्टिविटी प्रभावित हुई, क्योंकि MCX पर सोमवार को बंद हुए गोल्ड का क्लोजिंग प्राइस 1,21,043 रुपये (10 ग्राम) और सिल्वर 1,43,600 रुपये (1 किलो) पर अटका रहा।

MCX, जो भारत में 90% से ज्यादा कमोडिटी ट्रेडिंग हैंडल करता है, ऐसी गड़बड़ियों से अपनी विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहा है। ट्रेड इंडस्ट्री बॉडीज ने SEBI से तत्काल जांच और सख्त नियमों की मांग की है। फिलहाल, दोपहर बाद ट्रेडिंग नॉर्मल हो गई, लेकिन सुबह के नुकसान की भरपाई मुश्किल है। यह घटना डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स की कमजोरियों को उजागर करती है, जहां एक छोटी गड़बड़ी पूरे मार्केट को लकवा मार सकती है।

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