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दिल्ली में कृत्रिम बारिश की शुरुआत: IIT कानपुर की स्पेशल फ्लाइट से क्लाउड सीडिंग सफल, प्रदूषण पर लगाम लगाने की उम्मीद

दिल्ली में कृत्रिम बारिश की शुरुआत: IIT कानपुर की स्पेशल फ्लाइट से क्लाउड सीडिंग सफल, प्रदूषण पर लगाम लगाने की उम्मीद

नई दिल्ली: दिल्ली की जहरीली हवा से त्रस्त लोगों को मंगलवार (28 अक्टूबर 2025) को बड़ी राहत मिली। आईआईटी कानपुर की विशेष सेस्ना 206H विमान ने कानपुर से उड़ान भरकर दिल्ली के ऊपर क्लाउड सीडिंग अभियान चलाया, जो कृत्रिम बारिश पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह दिल्ली सरकार और आईआईटी कानपुर के बीच सितंबर में हुए एमओयू का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दिवाली के बाद बढ़ते प्रदूषण को कम करना है। अभियान बुराड़ी, करोल बाग और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के इलाकों पर केंद्रित रहा, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया है।

सुबह कम दृश्यता और नमी की कमी (50% से कम) के कारण उड़ान में देरी हुई, लेकिन दोपहर 12:30 बजे के आसपास विमान ने कानपुर एयरस्ट्रिप से टेकऑफ किया। चार घंटे की उड़ान में यह मेरठ, खेकड़ा, बुराड़ी, सदकपुर, भोजपुर और अलीगढ़ होते हुए वापस लौटा। विमान पर सिल्वर आयोडाइड नैनोपार्टिकल्स, आयोडाइज्ड नमक और रॉक सॉल्ट से बने विशेष फ्लेयर्स लगाए गए थे, जो बादलों में बर्फ के क्रिस्टल बनाकर बारिश को प्रेरित करते हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “अभियान सफल रहा। बारिश 15 मिनट से 4 घंटे के बीच हो सकती है। यह तकनीकी परीक्षण भी था, जिसमें फ्लेयर्स, फिटमेंट और एजेंसियों के बीच समन्वय की जांच हुई।”

क्लाउड सीडिंग एक मौसम संशोधन तकनीक है, जिसमें रसायनों का छिड़काव कर बादलों को वर्षा के लिए सक्रिय किया जाता है। दिल्ली में AQI 350 से ऊपर पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। यह अभियान पांच ट्रायल्स का पहला चरण है, जो 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चलेंगे। डीजीसीए ने अनुमति दी है, जबकि एनडीआरएफ, मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरनमेंट, डिफेंस और होम जैसे विभागों से मंजूरी ली गई। कुल लागत 3.21 करोड़ रुपये है। अगर सफल रहा, तो यह शहरी प्रदूषण नियंत्रण में क्रांति ला सकता है।

आईआईटी कानपुर के प्रोजेक्ट लीडर प्रोफेसर सच्चिदानंद शर्मा ने बताया कि नमी 20% से कम होने पर बारिश मुश्किल होती है, लेकिन आज के अभियान में सभी पैरामीटर्स सही थे। IMD के सहयोग से मौसम की निगरानी की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि कृत्रिम बारिश से PM2.5 और PM10 कणों को धोया जा सकता है, जिससे AQI 100-150 अंक गिर सकता है। हालांकि, यह स्थायी समाधान नहीं, बल्कि आपात उपाय है। दिल्ली सरकार ने गैर-बीएस-वीआई वाहनों पर प्रतिबंध लगाया है, जो 29 अक्टूबर से लागू होगा।

सोशल मीडिया पर #CloudSeedingDelhi ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग इसे ‘विज्ञान की जीत’ बता रहे हैं। अगर बारिश हुई, तो यह दिल्ली का पहला सफल शहरी क्लाउड सीडिंग होगा। अगले ट्रायल्स 29-30 अक्टूबर को हो सकते हैं। कुल मिलाकर, यह अभियान ‘क्लीन एयर’ की दिशा में उम्मीद जगाता है, लेकिन लंबे समय के लिए वाहन उत्सर्जन और पराली जलाने पर रोक जरूरी है।

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