Wednesday, September 16, 2026
राष्ट्रीय

देशभर में SIR अभियान का ऐलान कर सकता है चुनाव आयोग, कल होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस

देशभर में SIR अभियान का ऐलान कर सकता है चुनाव आयोग, कल होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस

निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा वोटर लिस्ट की विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया को पूरे देश में लागू करने का ऐलान कल होने की पूरी संभावना है। सोमवार, 27 अक्टूबर को शाम 4:15 बजे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जहां पैन-इंडिया SIR का शेड्यूल जारी किया जाएगा। यह अभियान वोटरों की सटीकता सुनिश्चित करने का सबसे बड़ा प्रयास होगा, जो 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले राज्यों की मतदाता सूची को मजबूत करेगा।

ईसीआई ने 23 अक्टूबर को समाप्त हुई मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) की दो दिवसीय बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तैयारियों का जायजा लिया था। जून 2025 में बिहार के लिए घोषित SIR की सफलता के बाद यह पैन-इंडिया अभियान शुरू हो रहा है, जहां बिहार में 68.5 लाख नाम हटाए गए और 21.5 लाख नए जोड़े गए। पहले चरण में 10 से 15 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश को कवर किया जाएगा, जिसमें असम, तमिलनाडु, पुदुच्चेरी, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे 2026 चुनावी राज्य प्रमुख हैं। ईसीआई के एक अधिकारी ने कहा, “यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चलेगी, जिसमें बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर सत्यापन होगा।”

SIR का उद्देश्य फर्जी वोटरों को हटाना, नए मतदाताओं को जोड़ना और डुप्लिकेट एंट्रीज को साफ करना है। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि आधार को 12वें दस्तावेज के रूप में मान्यता दी जाए, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट ने बिहार SIR के लिए आदेश दिया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ ही मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू हो सकता है, जो राजनीतिक दलों पर गतिविधियों पर नजर रखेगा। ईसीआई ने 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए डोरस्टेप वोटिंग की सुविधा भी दोहराई है।

राजनीतिक हलचल तेज हो चुकी है। तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने इसे भाजपा की साजिश करार दिया, आरोप लगाया कि यह कामकाजी वर्ग, एससी, अल्पसंख्यक और महिलाओं के वोटरों को हटाने का प्रयास है। विपक्षी दलों ने चिंता जताई कि SIR से लाखों वैध वोटर बाहर हो सकते हैं, जबकि भाजपा ने इसे ‘लोकतंत्र की मजबूती’ बताया। बिहार SIR के बाद कोई शिकायत न आने से आयोग ने सफाई दी है। 2026 के चुनावों में 10 राज्यों में 1,000 से अधिक सीटें दांव पर हैं, जहां सटीक वोटर लिस्ट निर्णायक होगी।

ईसीआई की यह पहल 96 करोड़ से अधिक मतदाताओं वाले देश में पारदर्शिता बढ़ाएगी। क्या SIR अभियान राजनीतिक घमासान मचाएगा? कल का ऐलान इसका संकेत देगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *