छठ पर नीतीश कुमार घर आने पर चिराग ने छूए पैर, बोले- ‘धन्यवाद, आप आए’
बिहार में छठ महापर्व की धूम के बीच राजनीतिक गलियारों में एक दिल छू लेने वाला क्षण देखने को मिला। छठ के दूसरे दिन ‘खरना’ के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के पटना स्थित आवास पर पहुंचे। चिराग ने नीतीश के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया और कहा, “धन्यवाद माननीय मुख्यमंत्री जी, जो आज आप मेरे आवास पर आए और खरना का प्रसाद ग्रहण किया।” इस भावुक मुलाकात ने एनडीए गठबंधन की एकजुटता का मजबूत संदेश दिया, जो आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर महत्वपूर्ण है।
नीतीश कुमार शाम करीब 6 बजे चिराग के घर पहुंचे, जहां चिराग की बुआ छठ पूजा कर रही थीं। सीएम ने खरना का प्रसाद ग्रहण किया और पूरे परिवार से मुलाकात की। चिराग ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “इस दौरान मेरे परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर छठ महापर्व की शुभकामनाएं देने के लिए हार्दिक आभार।” यह घटना एनडीए के भीतर पुरानी टकराहटों को भुलाने का प्रतीक बनी। चिराग ने कहा, “आइए सर, सबसे मिलवाता हूं,” और नीतीश ने मुस्कुराते हुए परिवार को बधाई दी।
इससे पहले बिहार के समस्तीपुर में एक कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार और चिराग पासवान के बीच गर्मजोशी भरा पल देखने को मिला था। इस दौरान चिराग ने मंच पर पहुंचकर नीतीश कुमार के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। यह एनडीए की संयुक्त रैली थी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। चिराग मंच पर पहुंचते ही सीएम के पास गए, पैर छुए और नीतीश ने प्यार से सिर पर हाथ फेरा। दर्शकों ने तालियों से स्वागत किया। हालांकि, चिराग को भाषण देने का मौका नहीं मिला क्योंकि पीएम मोदी ने समय की कमी का हवाला देकर सीएम को बोलने का अवसर दिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां एनडीए कार्यकर्ताओं ने इसे ‘मिलन का क्षण’ करार दिया।
बिहार की राजनीति में नीतीश और चिराग के बीच 2020 के विधानसभा चुनावों के बाद तनाव रहा, जब चिराग ने जेडीयू के खिलाफ ‘बिहार फर्स्ट’ अभियान चलाया। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों में एनडीए की जीत के बाद संबंधों में सुधार दिखा। चिराग ने हाल ही में प्रभात खबर को दिए इंटरव्यू में कहा था कि उनकी पार्टी नीतीश के नेतृत्व का समर्थन करती है। यह छठ मुलाकात और समस्तीपुर का प्रसंग एनडीए की मजबूती को रेखांकित करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे जेडीयू-लोजपा के बीच सीट बंटवारे पर सहमति आसान हो सकती है।
छठ पूजा बिहार की सांस्कृतिक धरोहर है, जो सूर्य देव और छठी माई की आराधना पर केंद्रित है। इस दौरान लोग एक-दूसरे के घर जाकर प्रसाद वितरण करते हैं। नीतीश की यह यात्रा न केवल धार्मिक, बल्कि राजनीतिक संदेश भी देती है। विपक्षी महागठबंधन में सर फुटबॉल चल रही है, जबकि एनडीए एकजुट दिख रहा है। चिराग ने ट्वीट में @NitishKumar को टैग कर कहा, “जय छठी माई!” यह क्षण बिहार की सियासत में नई दोस्ती का प्रतीक बन गया। क्या यह मिलन 2025 चुनावों में गेम चेंजर साबित होगा? समय जवाब देगा।
