लद्दाख को ‘पुलिस राज’ बना दिया: अमित शाह के दौरे से पहले राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा हमला
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में लद्दाख को ‘पुलिस राज’ में बदल दिए जाने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने लिखा: “लद्दाख के युवाओं ने मुझे बताया कि किस तरह उनके खूबसूरत आशियाने को एक पुलिस राज में बदल दिया गया है। उनकी आवाज दबा दी गई है, लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल दिया गया है और उनकी जमीन और नाज़ुक पर्यावरण को मोदी जी के अरबपति मित्रों के हवाले किया जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि लद्दाख की जनता विकास के खिलाफ नहीं है। वे रोजगार और उद्योग चाहते हैं, लेकिन ऐसा विकास जो स्थानीय लोगों को फायदा पहुंचाए, न कि बाहर के बड़े कारोबारियों को।
राहुल गांधी ने आशा जताते हुए लिखा:
“लद्दाख के लोग विकास के खिलाफ नहीं हैं। वो रोजगार और उद्योग चाहते हैं, मगर ऐसा विकास जो स्थानीय लोगों को फायदा पहुंचाए। आशा है कि अपने दौरे के दौरान गृह मंत्री इस सच्चाई को समझ पाएं।”
संदर्भ और पृष्ठभूमि
राहुल गांधी की यह टिप्पणी गृह मंत्री अमित शाह के दो दिवसीय लद्दाख दौरे (30 अप्रैल और 1 मई 2026) से ठीक पहले आई है। अमित शाह लेह में बुद्ध पूर्णिमा से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होंगे और पवित्र अवशेषों का सम्मान करेंगे।
लद्दाख में लंबे समय से राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग उठ रही है। पिछले साल (2025) इन मांगों को लेकर हुए प्रदर्शनों में हिंसा हुई थी, जिसमें कुछ युवकों की मौत और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी इन मांगों का समर्थन करती रही है और केंद्र सरकार पर स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण तथा अधिकारों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाती रही है।
हाल ही में लद्दाख प्रशासन ने पांच नए जिले बनाने की घोषणा की है, जिसे कुछ मांगों को मानने की दिशा में कदम माना जा रहा है, लेकिन स्थानीय संगठन (Leh Apex Body और Kargil Democratic Alliance) अभी भी राज्यhood, Sixth Schedule और पिछले मामलों में दर्ज केस वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
राहुल गांधी का स्टैंड
राहुल गांधी ने जोर दिया कि लद्दाख के लोग अपने नाजुक पर्यावरण और भूमि की रक्षा चाहते हैं। वे ऐसे विकास की मांग कर रहे हैं जो बाहरी अरबपतियों के बजाय स्थानीय युवाओं को रोजगार दे। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि वे लद्दाख के वास्तविक मुद्दों को समझें और संवाद की राह अपनाएं।
यह पोस्ट लद्दाख के युवाओं से मुलाकात के बाद आई है, जिसमें उन्होंने स्थानीय मुद्दों पर उनकी बात सुनी।
अमित शाह आज लद्दाख पहुंच रहे हैं। उनके दौरे के दौरान स्थानीय संगठनों ने उनसे मुलाकात और मांगों पर चर्चा की अपील की है। केंद्र सरकार लद्दाख के विकास पर जोर दे रही है, जबकि विपक्ष इसे पर्यावरण और लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दे के रूप में उठा रहा है।
कोर्ट या सरकारी बयान के अनुसार, लद्दाख में सुरक्षा और विकास दोनों को संतुलित करने की कोशिश की जा रही है। आगे की घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है।
