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नेपाल एयरलाइंस ने भारत से मांगी माफी: विवादित नक्शे में जम्मू-कश्मीर को दिखाया था पाकिस्तान का हिस्सा

नेपाल एयरलाइंस ने भारत से मांगी माफी: विवादित नक्शे में जम्मू-कश्मीर को दिखाया था पाकिस्तान का हिस्सा

​काठमांडू/नई दिल्ली: नेपाल की राष्ट्रीय ध्वजवाहक विमान सेवा, नेपाल एयरलाइंस, ने एक बड़े कूटनीतिक विवाद के बाद भारत से औपचारिक रूप से माफी मांग ली है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब एयरलाइंस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक “नेटवर्क मैप” (रूट मैप) साझा किया, जिसमें भारत के अभिन्न अंग जम्मू और कश्मीर को पाकिस्तान के क्षेत्र के रूप में दिखाया गया था।

​क्या है पूरा मामला?

​बुधवार को नेपाल एयरलाइंस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में एयरलाइंस के उड़ान मार्गों को दर्शाने वाला एक नक्शा था। इस नक्शे में भारत की संप्रभुता का उल्लंघन करते हुए जम्मू-कश्मीर को गलत तरीके से चित्रित किया गया था। जैसे ही यह तस्वीर वायरल हुई, भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई।

​सोशल मीडिया पर ‘बॉयकॉट’ की उठी मांग

​गलत नक्शा पोस्ट करने के बाद भारत में भारी आक्रोश देखा गया। एक्स (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक पर #BoycottNepalAirlines तेजी से ट्रेंड करने लगा। भारतीय यूजर्स ने इसे अक्षम्य गलती बताते हुए नेपाल एयरलाइंस पर सीमाएं लांघने का आरोप लगाया। कई लोगों ने इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भी टैग किया।

​भारी दबाव के बीच एयरलाइंस का आधिकारिक स्पष्टीकरण

​विरोध की गंभीरता को देखते हुए नेपाल एयरलाइंस ने विवादित पोस्ट को तुरंत हटा दिया और गुरुवार, 30 अप्रैल को एक सार्वजनिक माफीनामा जारी किया।

​एयरलाइंस ने अपने बयान में कहा:

​”हम अपने सोशल मीडिया चैनलों पर हाल ही में शेयर किए गए नेटवर्क मैप में हुई गलती के लिए दिल से माफी मांगते हैं। इस मैप में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को लेकर बड़ी गलतियां थीं, जो नेपाल या नेपाल एयरलाइंस की आधिकारिक स्थिति को नहीं दर्शाती हैं। हमने तुरंत वह पोस्ट हटा दी है और अंदरूनी जांच कर रहे हैं, ताकि भविष्य में हमारी सामग्री पूरी तरह सही और सटीक हो।”

​मैत्रीपूर्ण संबंधों पर जोर

​विवाद को शांत करने की कोशिश करते हुए एयरलाइंस ने आगे कहा कि वे अपने पड़ोसी देशों और क्षेत्रीय मित्रों के साथ मजबूत रिश्तों को बहुत महत्व देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पोस्ट से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उनका उद्देश्य नहीं था और उन्हें इस त्रुटि पर गहरा खेद है।

​निष्कर्ष: विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल एयरलाइंस ने यह कदम बढ़ते आर्थिक और कूटनीतिक दबाव के कारण उठाया है, क्योंकि भारत नेपाल के पर्यटन और विमानन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है। फिलहाल कंपनी इस मामले की आंतरिक जांच कर रही है।

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