दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा पर एसिड अटैक, कॉलेज के पास ही लड़कों ने वारदात को दिया अंजाम
दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा पर एसिड अटैक, कॉलेज के पास ही लड़कों ने वारदात को दिया अंजाम
राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक 20 वर्षीय द्वितीय वर्ष की छात्रा पर लक्ष्मीबाई कॉलेज के पास एसिड अटैक का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सुबह करीब 10 बजे अशोक विहार इलाके में कॉलेज की ओर जा रही छात्रा पर बाइक सवार तीन लड़कों ने तेजाब फेंक दिया। चेहरे को बचाने के प्रयास में छात्रा के दोनों हाथों पर गंभीर जलन हो गई। पीड़िता को तुरंत दीप चंद बंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता मुकुंदपुर की निवासी हैं और दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉन-कॉलेज कोर्स से संबद्ध हैं। वे अतिरिक्त कक्षा के लिए लक्ष्मीबाई कॉलेज जा रही थीं। हमलावरों की पहचान जितेंद्र (मुख्य आरोपी), ईशान और अरमान के रूप में हुई है, जो भारत नगर क्षेत्र के निवासी हैं। जितेंद्र पीड़िता का पीछा करने वाला स्टॉकर था, जिसने करीब एक महीने पहले पीड़िता से झगड़ा किया था। हमले के दौरान ईशान ने तेजाब से भरी बोतल अरमान को दी, जिसने उसे फेंक दिया। आरोपी घटना के बाद बाइक पर फरार हो गए।
उत्तर-पश्चिम जिले के डीसीपी भीष्म सिंह ने बताया, “पीड़िता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 326ए (एसिड अटैक) समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। क्राइम ब्रांच, एफएसएल टीम और स्थानीय पुलिस की कई टीमें सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही हैं। इलाके में मुखबिरों की मदद से छापेमारी की जा रही है। जल्द ही आरोपी गिरफ्तार हो जाएंगे।” पुलिस ने कॉलेज क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
यह घटना दिल्ली में छात्राओं पर बढ़ते अपराधों की पोल खोलती है। एनएचआरसी ने एसिड अटैक पीड़ितों के लिए मुआवजे और सख्त कानूनों की मांग दोहराई है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही एसिड अटैक को गैर-जमानती अपराध घोषित कर चुका है। कॉलेज के बाहर छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें “महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करो” के नारे लगाए गए। एक छात्रा ने कहा, “दिल्ली की सड़कें असुरक्षित हैं। सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए।”
दिल्ली पुलिस ने पीड़िता के परिवार को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया है। क्या यह हमला बदले की भावना से प्रेरित था? जांच में और खुलासे होने की उम्मीद है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए जागरूकता और सख्ती की आवश्यकता है, वरना ऐसी घटनाएं लगातार जारी रहेंगी।
