Tuesday, June 30, 2026
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‘हम साझा मूल्यों की डोर से बंधे हुए हैं…’, ASEAN समिट को संबोधित कर बोले PM मोदी

‘हम साझा मूल्यों की डोर से बंधे हुए हैं…’, ASEAN समिट को संबोधित कर बोले PM मोदी

अनिश्चितता भरे वैश्विक दौर में भारत-आसियान साझेदारी को मजबूत बनाने का संकल्प लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। “हम साझा मूल्यों की डोर से बंधे हुए हैं…” – इस भावुक उद्गार के साथ पीएम मोदी ने आसियान नेताओं के बीच गहरी एकजुटता का संदेश दिया, जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता और समृद्धि का आधार बनेगा।

सम्मेलन की शुरुआत में पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को आयोजन की सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने तिमोर-लेस्ते का आसियान के नवीनतम सदस्य के रूप में हार्दिक स्वागत किया। पीएम ने कहा, “मुझे एक बार फिर अपने आसियान परिवार में शामिल होने का अवसर प्राप्त हो रहा है। 21वीं सदी भारत और आसियान की सदी है। हम न केवल भौगोलिक निकटता साझा करते हैं, बल्कि गहन ऐतिहासिक संबंधों और साझे मूल्यों की मजबूत डोर से भी बंधे हुए हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और आसियान मिलकर विश्व की लगभग एक चौथाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो वैश्विक विकास का इंजन बन सकता है।

पीएम मोदी ने साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर बल दिया, जिसमें पूर्वी समुद्री गलियारा (ईएमसी) और आईएमईसी (इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर) जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के मुद्दों पर भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “अनिश्चितता के इस दौर में हमारी साझेदारी वैश्विक स्थिरता और विकास का सशक्त आधार है।” पीएम ने आसियान के साथ व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा, जो वर्तमान में 130 अरब डॉलर से अधिक है।

यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता के बीच भारत-आसियान संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना आवश्यक है। 2014 से पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को मजबूत किया है, जिसके तहत आसियान के साथ रक्षा, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ा है। सम्मेलन में डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती पर चर्चा हुई। पीएम ने कोविड-19 के दौरान भारत द्वारा वैक्सीन मैत्री के तहत 300 मिलियन से अधिक डोज आसियान देशों को प्रदान करने का जिक्र किया।

आसियान नेताओं ने पीएम के संबोधन की सराहना की। मलेशियाई पीएम अनवर ने कहा, “भारत हमारा महत्वपूर्ण साझेदार है।” यह सम्मेलन 2025 के आसियान थीम ‘समावेशिता और स्थिरता’ के अनुरूप था। भारत ने 2026 में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन की मेजबानी का प्रस्ताव रखा। पीएम मोदी का यह संदेश न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि बहुपक्षीय मंचों पर भारत की नेतृत्व भूमिका को रेखांकित करता है। क्या यह साझेदारी वैश्विक चुनौतियों का नया समाधान बनेगी? आने वाले वर्ष इसका प्रमाण देंगे।

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