शहबाज के खास जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने मोहम्मद यूनुस से की मुलाकात
शहबाज के खास जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने मोहम्मद यूनुस से की मुलाकात
बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद पाकिस्तान की ‘मिशन बांग्लादेश’ रणनीति को नई गति मिली है। पाकिस्तान ज्वॉइंट चीफ्स स्टाफ कमेटी के चेयरमैन साहिर शमशाद मिर्जा शनिवार देर रात ढाका पहुंचे और रविवार को चीफ एडवाइजर प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस से जमुना स्टेट गेस्ट हाउस में मुलाकात की। मिर्जा, जो पाकिस्तानी सेना में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के बाद नंबर दो के अधिकारी हैं, को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का बेहद करीबी माना जाता है। यह पहली आधिकारिक यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य और आर्थिक संबंधों का प्रतीक बनी, जो 1971 की जंग की कड़वाहट को पीछे छोड़ने का संकेत देती है।
मुलाकात के दौरान यूनुस और मिर्जा ने द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत चर्चा की। यूनुस के प्रेस विंग के बयान के अनुसार, दोनों ने व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर फोकस किया। मिर्जा ने कहा, “हमारे दो देश एक-दूसरे का समर्थन करेंगे।” उन्होंने कराची-चटगांव के बीच द्विपक्षीय शिपिंग रूट के संचालन और ढाका-कराची एयर रूट के जल्द शुरू होने का जिक्र किया, जो कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। यूनुस ने मिसइनफॉर्मेशन और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को वैश्विक चुनौती बताते हुए कहा, “फर्जी खबरों से अराजकता फैल रही है। इसके खिलाफ संयुक्त प्रयास जरूरी हैं।” दोनों ने मध्य पूर्व और यूरोप में तनाव कम करने पर भी विचार साझा किए।
मिर्जा की यात्रा आर्म्ड फोर्सेस डिविजन (AFD) के तहत हो रही है, जिसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल एस एम कमरुल हसन कर रहे हैं। मिर्जा अपनी पत्नी शाजिया साहिर और ब्रिगेडियर मुहम्मद राशिद खान, कमोडोर खान मुहम्मद आसिफ समेत छह सदस्यीय दल के साथ पहुंचे। रविवार को पाकिस्तान हाई कमीशन का दौरा करने के बाद शाम 6:45 से 7 बजे तक यूनुस और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर खलीलुर रहमान से बातचीत हुई। सोमवार को सिलहेट कैंटोनमेंट का दौरा और मंगलवार को बांग्लादेश आर्मी चीफ जनरल वाकेर-उज-जमान से मुलाकात निर्धारित है। मिर्जा को निशान-ए-इम्तियाज सम्मान प्राप्त है।
यह यात्रा अगस्त 2024 में यूनुस के अंतरिम शासन के बाद पाक-बांग्ला संबंधों में सुधार का हिस्सा है। जनवरी 2025 में बांग्लादेशी सेना के अधिकारी पाकिस्तान गए थे। हाल ही में पाकिस्तानी जनरल टबस्सुम हबीब और मेडिकल कोर के ब्रिगेडियरों के दौरे हुए। दोनों देश आर्थिक आयोग गठित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मिर्जा ने हाल में कश्मीर मुद्दे पर कहा था कि भारत-पाकिस्तान विवाद के समाधान के लिए तीसरे पक्ष की जरूरत है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस पर नजर रख रही हैं, खासकर बॉर्डर इलाकों का दौरा करने वाले भारतीय MI अधिकारियों के हालिया दौरे के बाद। विपक्षी आवामी लीग ने इसे ‘पाकिस्तानी हस्तक्षेप’ बताया, लेकिन यूनुस सरकार ने इसे ‘क्षेत्रीय सहयोग’ करार दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिशन पाकिस्तान की दक्षिण एशिया में प्रभाव बढ़ाने की कोशिश है। क्या यह संबंध स्थायी साबित होंगे या भारत की चिंताएं साकार होंगी? आने वाले दिन इसका जवाब देंगे।
