उत्तराखंड

कोटद्वार में ऑनलाइन इमरजेंसी: दिवाली की मिठाई में फंगस-कीड़े, व्यापार मंडल ने दी स्थानीय बाजार को प्राथमिकता देने की अपील

कोटद्वार में ऑनलाइन इमरजेंसी: दिवाली की मिठाई में फंगस-कीड़े, व्यापार मंडल ने दी स्थानीय बाजार को प्राथमिकता देने की अपील

कोटद्वार: त्योहारों के उत्साह में डूबे बाजारों पर ऑनलाइन शॉपिंग का साया गहरा रहा है। दिवाली 2025 के ठीक बीच में कोटद्वार के गोविंद नगर निवासी युवक आकाश को ऑनलाइन मिठाई मंगाने का कड़वा अनुभव हो गया। आकाश ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Blinkit से काजू कतली का ऑर्डर दिया था, लेकिन डिलीवरी मिलने पर पैकेट खोलते ही इमरजेंसी जैसी स्थिति बन गई। मिठाई पूरी तरह फंगस से भरी हुई थी, और उसमें कीड़े रेंगते नजर आ रहे थे। इस घटना ने स्थानीय व्यापारियों को झकझोर दिया, और नगर उद्योग व्यापार मंडल ने इसे गंभीरता से लेते हुए शहरवासियों से स्थानीय दुकानों को प्राथमिकता देने की अपील की है।

आकाश ने बताया, “दिवाली की खुशी में ऑनलाइन ऑर्डर किया था, लेकिन पैकेट खोलते ही डर लग गया। मिठाई पर हरी-हरी फंगस की परत थी, और अंदर से कीड़े निकल रहे थे। तुरंत प्लेटफॉर्म पर शिकायत की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।” यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जहां लोगों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। स्थानीय खाद्य सुरक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है और जांच शुरू कर दी है, लेकिन व्यापार मंडल ने इसे “उपभोक्ता धोखाधड़ी” का उदाहरण बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रवीण भाटिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ऐसी घटनाएं न केवल स्थानीय बाजार को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडराती हैं। त्योहारों के दौरान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की लापरवाही से हजारों लोग प्रभावित हो सकते हैं। हम शहरवासियों से अपील करते हैं कि स्थानीय दुकानदारों को प्राथमिकता दें, जो न केवल ताजा माल देते हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करते हैं।” भाटिया ने ऑनलाइन कारोबार को “बाय-बाय” कहने की सलाह दी और प्रशासन से खाद्य सुरक्षा विभाग को सक्रिय करने की मांग की। मंडल ने 100 से अधिक स्थानीय दुकानदारों के साथ मिलकर “लोकल फॉर वोकल” अभियान चलाने का फैसला किया है, जिसमें त्योहारी खरीदारी पर 10-20% छूट दी जाएगी।

यह घटना त्योहारों के मौसम में ऑनलाइन शॉपिंग की चुनौतियों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को गुणवत्ता नियंत्रण पर अधिक ध्यान देना चाहिए, वरना उपभोक्ता विश्वास खो देंगे। स्थानीय व्यापारियों ने कहा, “हमारी दुकानें हमेशा ताजा माल रखती हैं, और ग्राहक को घर जैसा अनुभव मिलता है।” आकाश ने भी कहा, “अब से लोकल ही खरीदूंगा, ऑनलाइन का भरोसा टूट गया।” प्रशासन ने जांच पूरी होने के बाद सप्लायर पर कार्रवाई का वादा किया है। त्योहारों का मौसम हो या सामान्य दिन, उपभोक्ता जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।

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