राजनीति

बिहार चुनाव से पहले NDA में सुलझी नाराजगी: ‘सब ठीक, जीत तय’, अमित शाह से मुलाकात के बाद बोले उपेंद्र कुशवाहा

बिहार चुनाव से पहले NDA में सुलझी नाराजगी: ‘सब ठीक, जीत तय’, अमित शाह से मुलाकात के बाद बोले उपेंद्र कुशवाहा

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियों में एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर मचे हंगामे का अंत हो गया है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद कहा कि “एनडीए में सब कुछ ठीक है, और बिहार में हमारी जीत तय है।” यह बयान मंगलवार रात की नाराजगी के ठीक बाद आया है, जब कुशवाहा ने ‘नथिंग इज वेल इन एनडीए’ कहकर विवाद खड़ा कर दिया था। मुलाकात में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भी मौजूद थे, और इसके बाद रालोमो ने एनडीए के प्रत्याशियों के नामांकन में भाग लेने का ऐलान कर दिया।

दिल्ली के गृह मंत्री के आवास पर हुई करीब एक घंटे की इस महत्वपूर्ण बैठक में सीट बंटवारे पर अंतिम सहमति बनी। कुशवाहा ने मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा, “अमित शाह जी ने हमारी बात सुनी और गठबंधन की मजबूती पर भरोसा जताया। एनडीए में सब ठीक चल रहा है। बिहार की जनता विकास और सुशासन के लिए एनडीए को फिर से चुनेगी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रालोमो की 6 से अधिक सीटों की मांग पर सकारात्मक चर्चा हुई, और पार्टी को संतोषजनक पैकेज मिला है। हालांकि, विशिष्ट सीटों का खुलासा अभी नहीं किया गया, लेकिन सूत्रों के अनुसार, रालोमो को 5-6 सीटें मिलने की संभावना है।

मंगलवार रात का सियासी ड्रामा लंबा चला। सीट बंटवारे के फॉर्मूले में रालोमो की दो सीटें सहयोगी दलों को देने से नाराज कुशवाहा ने अपने नेताओं को निर्देश दिया था कि एनडीए के किसी भी प्रत्याशी के नामांकन कार्यक्रम में न जाएं। उन्होंने एक्स पर लिखा, “केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के साथ विमर्श हेतु… बैठक स्थगित।” इसके बाद बीजेपी ने डैमेज कंट्रोल मोड में आ गई। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री नितिन नवीन, ऋतुराज सिन्हा और नित्यानंद राय कुशवाहा के पटना स्थित कैंप कार्यालय पहुंचे। बैठक बेनतीजा रही, लेकिन देर रात अमित शाह ने कुशवाहा को दिल्ली बुला लिया।

यह विवाद एनडीए के अंदर चल रही खींचतान का हिस्सा था। जेडीयू और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बीच भी सीटों पर घमासान चल रहा है। बीजेपी ने 101 सीटें, जेडीयू को 101, चिराग को 40, और हम (सेक्युलर) को 6 सीटें दी हैं। रालोमो को शुरू में 4-5 सीटें मिलीं, लेकिन कुशवाहा ने 6+ की मांग की। विपक्ष ने इसे एनडीए की कमजोरी बताया। आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “कुशवाहा की नाराजगी से साफ है कि एनडीए टूटने की कगार पर है। महागठबंधन मजबूत है।”

कुशवाहा ने मुलाकात के बाद कहा, “हमारा फोकस बिहार के पिछड़े वर्गों, किसानों और युवाओं पर है। एनडीए की सरकार फिर बनेगी, और बिहार टॉप-5 राज्य बनेगा।” यह बयान एनडीए को एकजुट करने का संकेत है। बीजेपी प्रवक्ता प्रभात झा ने कहा, “अमित शाह जी ने सभी को एक मंच पर ला दिया। जीत हमारी।” फिलहाल, नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और 6-11 नवंबर को मतदान होगा। क्या यह सुलह एनडीए को प्रचंड बहुमत दिलाएगी? 14 नवंबर के नतीजों का इंतजार। बिहार की सियासत में ड्रामा खत्म नहीं हुआ, लेकिन फिलहाल शांति है।

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