बिहार चुनाव 2025: जेडीयू ने जारी की पहली लिस्ट, 57 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान; नीतीश कुमार 16 अक्टूबर से शुरू करेंगे कैंपेन
बिहार चुनाव 2025: जेडीयू ने जारी की पहली लिस्ट, 57 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान; नीतीश कुमार 16 अक्टूबर से शुरू करेंगे कैंपेन
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की रणभेरी बजते ही जनता दल (यूनाइटेड) [जेडीयू] ने मंगलवार को अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी। पार्टी ने कुल 57 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया, जिसमें कई प्रमुख चेहरे शामिल हैं। एनडीए के सीट बंटवारे के तहत जेडीयू को 101 सीटें मिली हैं, और यह लिस्ट मुख्य रूप से पहले चरण की 101 सीटों पर केंद्रित है। पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सूची को मंजूरी दी। साथ ही, उन्होंने 16 अक्टूबर से समस्तीपुर से कैंपेन शुरू करने का ऐलान किया। यह कदम एनडीए को मजबूत करने और विपक्ष को चुनौती देने का संकेत है।
पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा, “नीतीश कुमार जी लोकतांत्रिक नेता हैं। वे सभी हितधारकों से सलाह लेते हैं, लेकिन अंतिम फैसला खुद लेते हैं। यह सूची पार्टी की मजबूती और विकास के विजन को दर्शाती है।” सूची में चार महिलाओं को टिकट दिया गया है, जो पार्टी की समावेशी रणनीति का हिस्सा है। दूसरी और अंतिम सूची 17 अक्टूबर तक जारी हो सकती है। एनडीए में बीजेपी को भी 101 सीटें मिली हैं, जबकि चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29, उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) को 6-6 सीटें आवंटित हैं।
जेडीयू की पहली सूची में कई दिग्गजों के नाम शामिल हैं। कैबिनेट मंत्री कौशल किशोर को राजगीर सीट से टिकट दिया गया है, जो नीतीश कुमार का गढ़ है। इसी तरह, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार को नालंदा, सुनील कुमार को भोर (एससी), और उमेश कुशवाहा को महानर से उम्मीदवार बनाया गया। अन्य प्रमुख नामों में विजय कुमार चौधरी, शरवान कुमार, और मदन साहनी शामिल हैं। मोहनमा से अनंत सिंह को टिकट मिला, जो पांच बार विधायक रह चुके हैं और 2022 के उपचुनाव में उनकी पत्नी नीलम देवी जीती थीं। कल्याणपुर से मंत्री महेश्वर हजारी, सोनबरसा से रत्नेश सदा, और मीनापुर से अजय कुशवाहा को चुना गया। पार्टी ने चिराग पासवान की मांग वाली चार सीटों पर भी अपने उम्मीदवार उतारे, जो गठबंधन में तनाव का संकेत दे रहा है।
यह ऐलान पार्टी के अंदरूनी विवादों के बीच आया है। जेडीयू सांसद अजय मंडल ने टिकट वितरण पर असंतोष जताते हुए इस्तीफा दे दिया। पूर्व विधायक गोपाल मंडल ने नीतीश कुमार के घर के बाहर चार घंटे धरना दिया। झा ने कहा, “ये व्यक्तिगत मुद्दे हैं, पार्टी एकजुट है।” विपक्ष ने इस पर तंज कसा। आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “जेडीयू की लिस्ट से साफ है कि नीतीश जी का तानाशाही रवैया जारी है। महागठबंधन जल्द अपनी सूची जारी करेगा।” जन सुराज पार्टी ने राघोपुर से चंचल सिंह को उम्मीदवार बनाकर तेजस्वी यादव को चुनौती दी है।
चुनाव आयोग ने 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान की अधिसूचना जारी की है। कुल 7.42 करोड़ मतदाता हैं, और 14 नवंबर को नतीजे आएंगे। एनडीए का दावा है कि वे 225+ सीटें जीतेंगे। जेडीयू ने प्रचार अभियान तेज करने का ऐलान किया, जिसमें नीतीश कुमार की रैलियां प्रमुख होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह लिस्ट जेडीयू के कोर वोट बैंक—ईबीसी, दलित और मुस्लिम—को मजबूत करेगी। फिलहाल, बिहार की सियासत में गर्माहट बढ़ गई है। क्या जेडीयू की यह रणनीति एनडीए को प्रचंड बहुमत दिलाएगी? नतीजों का इंतजार।
