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आज से करोड़ों Windows 10 डिवाइस खतरे में: माइक्रोसॉफ्ट ने बंद किया सपोर्ट, तुरंत अपग्रेड करें वरना हैकर्स का निशाना!

आज से करोड़ों Windows 10 डिवाइस खतरे में: माइक्रोसॉफ्ट ने बंद किया सपोर्ट, तुरंत अपग्रेड करें वरना हैकर्स का निशाना!

माइक्रोसॉफ्ट ने आज से Windows 10 के लिए सभी फ्री सिक्योरिटी अपडेट्स और टेक्निकल सपोर्ट बंद कर दिया। दुनिया भर में करोड़ों लैपटॉप और कंप्यूटर्स पर चलने वाले इस पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम के यूजर्स अब साइबर हमलों के निशाने पर हैं। कंपनी के अनुसार, 14 अक्टूबर 2025 के बाद Windows 10 डिवाइस मालवेयर, वायरस और रैनसमवेयर जैसे खतरे से असुरक्षित हो जाएंगे। यूके में ही 21 मिलियन यूजर्स प्रभावित होंगे, जबकि ग्लोबल स्तर पर 400 मिलियन से ज्यादा डिवाइस खतरे में हैं।

माइक्रोसॉफ्ट के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट यूसुफ मेहदी ने ब्लॉग में चेतावनी दी, “अपडेट्स बंद होने से डिवाइस साइबर थ्रेट्स के प्रति ज्यादा कमजोर हो जाएंगे। ऐप्स की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है।” सितंबर 2025 तक 40% विंडोज यूजर्स अभी भी Windows 10 पर चल रहे थे, भले ही Windows 11 2021 से उपलब्ध हो।भारत में भी लाखों होम यूजर्स, छोटे बिजनेस और सरकारी ऑफिस प्रभावित होंगे, जहां पुराने हार्डवेयर की वजह से अपग्रेड मुश्किल है।

कंप्यूटर अभी भी काम करेंगे, लेकिन बिना पैच के पुरानी कमजोरियां हैकर्स के लिए आसान शिकार बनेंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि EOL (एंड ऑफ लाइफ) के बाद पहले महीने में ही क्रिटिकल वल्नरेबिलिटी उजागर हो सकती है। यूके की कंज्यूमर ग्रुप Which? के सर्वे में 26% यूजर्स ने कहा कि वे अपडेट्स बंद होने के बाद भी Windows 10 यूज करते रहेंगे, जो सिक्योरिटी ब्रेक और स्कैम्स को न्योता देगा।

तो क्या करें? तुरंत एक्शन लें, वरना डेटा चोरी या रैनसमवेयर का शिकार हो सकते हैं। यहां स्टेप-बाय-स्टेप गाइड:

1. Windows वर्जन चेक करें: स्टार्ट मेन्यू में सेटिंग्स > सिस्टम > अबाउट पर जाएं। अगर Windows 10 दिखे, तो खतरा है।

2. Windows 11 अपग्रेड: माइक्रोसॉफ्ट का PC हेल्थ चेक टूल डाउनलोड करें (microsoft.com से)। अगर हार्डवेयर सपोर्ट करता है (TPM 2.0, 4GB RAM, 64GB स्टोरेज), तो फ्री अपग्रेड करें। लेकिन 13% डिवाइस कंपैटिबल नहीं।

3. एक्सटेंडेड सिक्योरिटी अपडेट्स (ESU) सब्सक्राइब: माइक्रोसॉफ्ट का 1-ईयर ESU प्रोग्राम जॉइन करें। कंज्यूमर के लिए $30 (लगभग ₹2500), जो 13 अक्टूबर 2026 तक सिक्योरिटी पैच देगा। बिजनेस के लिए ज्यादा महंगा। रजिस्ट्रेशन आज से शुरू।

4. अल्टरनेटिव ऑपरेटिंग सिस्टम: अगर अपग्रेड संभव न हो, तो लिनक्स (Ubuntu) या क्रोम OS इंस्टॉल करें – फ्री और सुरक्षित। लेकिन डेटा बैकअप जरूरी।

5. नया डिवाइस खरीदें: लो-एंड Windows 11 लैपटॉप $300 (₹25,000) से शुरू। रिफर्बिश्ड ऑप्शन भी चेक करें।

माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, “2025 Windows 11 PC रिफ्रेश का साल है।” लेकिन बेरोजगारी और महंगाई के दौर में नया हार्डवेयर खरीदना चुनौती। साइबर एक्सपर्ट्स चेताते हैं – अनपैच्ड सिस्टम रैनसमवेयर का आसान टारगेट। 0patch जैसे थर्ड-पार्टी टूल्स भी उपलब्ध, लेकिन ऑफिशियल ESU बेहतर।

भारतीय यूजर्स के लिए सलाह: बैकअप लें, एंटीवायरस (जैसे Windows Defender) अपडेट रखें, और अनजान लिंक्स से बचें। माइक्रोसॉफ्ट हेल्पलाइन 1800-102-1100 पर कॉल करें। यह ‘सिक्योरिटी डिजास्टर’ टाला जा सकता है – अभी हरकत में आएं!

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