प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य के लिए मुस्लिम भाइयों की दुआ: लखनऊ दरगाह पर चढ़ाई चादर, मदीना से वायरल अपील
प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य के लिए मुस्लिम भाइयों की दुआ: लखनऊ दरगाह पर चढ़ाई चादर, मदीना से वायरल अपील
वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की बीमारी ने पूरे देश को चिंतित कर दिया है, लेकिन इसी बीच इंसानियत की मिसाल कायम करते हुए मुस्लिम समुदाय ने उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए दुआएं मांगीं। मंगलवार को लखनऊ की मॉल एवेन्यू स्थित दादा मियां दरगाह पर समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद अखलाक ने चादर चढ़ाई और संत की लंबी आयु व शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की। हाथों में प्रेमानंद महाराज की तस्वीरें थामे मुस्लिम भक्तों ने एकजुट होकर दुआ की, जो गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल बनी।
दरगाह परिसर में सैकड़ों मुस्लिम भक्त इकट्ठा हुए। अखलाक ने चादर चढ़ाते हुए कहा, “प्रेमानंद महाराज ईश्वर का वरदान हैं। उनके स्वास्थ्य के लिए हम लगातार दुआ कर रहे हैं। जो लोग दुआ मांगने वालों को धमकी दे रहे हैं, वे मानसिक रूप से बीमार हैं। हम समाजवादी लोग नफरत की खाई पर पुल बांधने का काम कर रहे हैं।” दरगाह के सेवादारों ने भी संत के लिए विशेष प्रार्थना की। यह दुआ न सिर्फ लखनऊ तक सीमित रही, बल्कि अजमेर शरीफ दरगाह में भी चादर चढ़ाकर प्रेमानंद महाराज की सलामती की कामना की गई।
इससे पहले, सोमवार को सऊदी अरब के मदीना शरीफ से एक भावुक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें प्रयागराज के मुस्लिम युवक सुफियान इलाहाबादी ने पवित्र मस्जिद के सामने खड़े होकर दुआ मांगी। डेढ़ मिनट के वीडियो में सुफियान ने कहा, “प्रेमानंद महाराज हिंदुस्तान के नेक इंसान हैं। क्या हिंदू, क्या मुस्लिम, इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है। हे अल्लाह, उन्हें शीघ्र स्वस्थ करो ताकि वे अपने भक्तों का मार्गदर्शन जारी रखें।” वीडियो में सुफियान भावुक नजर आ रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर लाखों व्यूज बटोर चुका है। उनके पिता हाजी फिरोज ने कहा, “हमारा बेटा प्रेमानंद जी के प्रवचन यूट्यूब पर सुनता है। काबा शरीफ जैसी पवित्र जगह पर की गई दुआ जरूर कबूल होगी।”
प्रेमानंद महाराज किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्हें नियमित डायलिसिस की जरूरत पड़ रही है। 2 अक्टूबर को उनके आश्रम श्री हित केली कुंज ने पदयात्रा स्थगित करने की घोषणा की, जिससे भक्तों में चिंता बढ़ गई। मंगलवार को अच्छी खबर आई – महाराज ने आश्रम से निकलकर भक्तों को दर्शन दिए। ‘राधे राधे’ के जयकारों के बीच भक्त भावुक हो उठे। आश्रम ने कहा, “महाराज की हालत में सुधार है, लेकिन पूर्ण स्वस्थता के लिए प्रार्थनाएं जारी रखें।” एक अनुयायी ने तो किडनी दान करने की पेशकश भी की, लेकिन महाराज ने अस्वीकार कर दिया।
यह घटना हिंदू-मुस्लिम एकता की प्रतीक बन गई। सुफियान के वीडियो पर कुछ कट्टरपंथी संगठनों ने धमकियां दीं, लेकिन ज्यादातर लोग इसे सराह रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने ट्वीट किया, “इंसानियत का पैगाम प्रेमानंद महाराज जैसे संत ही फैला सकते हैं। मदीना से दुआ की मिसाल काबिले-तारीफ।” विपक्षी नेता भी एकजुट हुए। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, “धर्म की सीमाएं भूलकर प्रेमानंद जी के लिए दुआ करना सच्ची भक्ति है।”
देशभर में भक्त मंदिरों में हवन-यज्ञ कर रहे हैं। वृंदावन आश्रम में 24 घंटे भजन-कीर्तन जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि संत का संदेश – ‘सबका साथ, सबका विकास’ – आज भी प्रासंगिक है। उनकी किडनी ट्रांसप्लांट की संभावना पर डॉक्टर विचार कर रहे हैं। फिलहाल, मदीना से लखनऊ तक की दुआएं प्रेमानंद महाराज के लिए उम्मीद की किरण बनी हुई हैं। भक्तों की प्रार्थना है कि वे शीघ्र स्वस्थ होकर पदयात्रा फिर शुरू करें।
