राजनीति

IPS वाई. पूरन कुमार के परिवार से मिले भगवंत मान, कहा- इंसाफ हो और दिखे भी

IPS वाई. पूरन कुमार के परिवार से मिले भगवंत मान, कहा- इंसाफ हो और दिखे भी

चंडीगढ़। हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की कथित आत्महत्या के मामले ने राजनीतिक हलकों में हंगामा मचा दिया है। शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिवंगत अधिकारी के परिवार से मुलाकात की और इंसाफ की जोरदार मांग की। मान ने इस घटना को ‘सिस्टम पर तमाचा’ बताते हुए केंद्र व हरियाणा सरकार से अपील की कि परिवार को तुरंत न्याय मिले। उन्होंने कहा, “इंसाफ होना चाहिए और इंसाफ दिखना भी चाहिए। क्या यह कोई साजिश है? पूरन कुमार जैसे ईमानदार अधिकारी को क्यों तोड़ा गया?”

वाई. पूरन कुमार (2001 बैच, हरियाणा कैडर) को 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित सरकारी आवास के बेसमेंट में गोली मारकर मृत पाया गया था। उनके पास से मिले 8 पेज के सुसाइड नोट में 8 IPS और 2 IAS अधिकारियों पर जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न व करियर में बाधा डालने के गंभीर आरोप लगाए गए। नोट में उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति पत्नी अमनीत पी. कुमार के नाम कर दी, जो खुद 2001 बैच की IAS अधिकारी हैं और पंजाब की बेटी हैं। अमनीत जापान में हरियाणा CM नायब सिंह सैनी के प्रतिनिधिमंडल के साथ थीं, जब यह दुखद खबर मिली।

मान ने चंडीगढ़ के सेक्टर-24 स्थित परिवार के आवास पर पहुंचकर अमनीत व अन्य परिजनों से करीब आधा घंटा बात की। उन्होंने कहा, “पूरन व अमनीत ने जीवनभर लोगों को इंसाफ दिलाया, लेकिन आज उनका परिवार खुद न्याय की भिखारी है। यह दुखद घटना पूरे पंजाब को झकझोर रही है। अमनीत पंजाब की बेटी हैं, इसलिए हम उनके साथ खड़े हैं।” मान ने हरियाणा CM से अपील की कि सुसाइड नोट में नामित ‘चहेते अधिकारियों’ के खिलाफ FIR दर्ज कर मुकदमा चलाया जाए। उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप की भी मांग की।

इससे पहले, पूर्व पंजाब CM चरणजीत सिंह चन्नी, हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह व हरियाणा CM नायब सिंह सैनी परिवार से मिल चुके हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर DGP शत्रुजीत कपूर समेत 15 अधिकारियों के खिलाफ IPC की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) व SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज की है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव सौंपा गया।

कांग्रेस ने इस मामले में तीन दिवसीय प्रदर्शन का ऐलान किया है, जबकि AAP ने पीड़ित परिवार के समर्थन में रैलियां निकालने का फैसला लिया। पूरन कुमार दलित समुदाय से थे और उनके सख्त रवैये के कारण विवादों में रहे। यह घटना न केवल प्रशासनिक भ्रष्टाचार उजागर कर रही है, बल्कि जातिवाद व उत्पीड़न के खिलाफ एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। मान की यह मुलाकात पंजाब-हरियाणा के बीच राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकती है। परिवार ने कहा, “हमें केवल इंसाफ चाहिए, बाकी कुछ नहीं।”

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