MBBS स्टूडेंट से गैंगरेप केस में 3 अरेस्ट, बंगाल पुलिस ने मोबाइल नेटवर्क ट्रैक कर दबोचे आरोपी
MBBS स्टूडेंट से गैंगरेप केस में 3 अरेस्ट, बंगाल पुलिस ने मोबाइल नेटवर्क ट्रैक कर दबोचे आरोपी
दुर्गापुर। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक निजी मेडिकल कॉलेज की दूसरी वर्ष की एमबीबीएस छात्रा के साथ हुई गैंगरेप की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। शुक्रवार रात को हुई इस दर्दनाक वारदात के 36 घंटे के अंदर ही आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मोबाइल टावर लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों का पता लगाया और जंगल इलाके में रातभर सर्च ऑपरेशन चलाकर उन्हें दबोच लिया। दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में मैनहंट जारी है।
घटना शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे की है। ओडिशा के जेलेश्वर जिले की रहने वाली 23 वर्षीय छात्रा आईक्यू सिटी मेडिकल कॉलेज, शिवापुर में पढ़ाई कर रही थी। वह अपने एक पुरुष सहपाठी के साथ कैंपस से बाहर डिनर करने गई थी। रास्ते में बाइक सवार चार-पांच युवकों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने अश्लील टिप्पणियां कीं और छात्रा का मोबाइल छीन लिया। सहपाठी ने उसे छोड़ दिया, जबकि आरोपी उसे जबरन कैंपस के पीछे जंगल क्षेत्र में ले गए और गैंगरेप किया। छात्रा के पिता ने शिकायत में सहपाठी पर धोखा देने का आरोप लगाया है, जिसकी भूमिका की जांच चल रही है।
छात्रा को तुरंत कॉलेज के ही अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह इलाजरत है। उसकी मां ने बताया, “दोस्त ने उसे अकेला छोड़ दिया। आरोपी ने फोन वापस करने के लिए पैसे मांगे, लेकिन धमकी दी कि पुलिस को बताने पर जान से मार देंगे।” पुलिस ने छात्रा का बयान दर्ज कर लिया है। FIR में IPC की धारा 376D (गैंगरेप) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। सर्च ऑपरेशन में ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया।
इस घटना ने राजनीतिक हंगामा मचा दिया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मजही ने पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी से सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, “यह शर्मनाक है। ओडिशा सरकार पीड़िता के परिवार को हर संभव मदद देगी।” भाजपा ने TMC सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया। वेस्ट बंगाल भाजपा महासचिव अग्निमित्र पॉल ने कहा, “आरजी कर मामले के बाद फिर वही कहानी। बंगाल महिलाओं के लिए असुरक्षित हो गया है।” राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने पांच दिनों में एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। मंत्री शशि पंजा ने कहा, “सरकार मेडिकल और साइकोलॉजिकल सपोर्ट दे रही है। राजनीतिकरण न करें।”
वेस्ट बंगाल डॉक्टर्स फोरम और अभया मंच ने कॉलेज का दौरा कर निंदा की। छात्रा के पिता ने न्याय की गुहार लगाई, “मेरी बेटी डॉक्टर बनेगी, लेकिन पहले इंसाफ चाहिए।” यह घटना बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है, खासकर मेडिकल कैंपसों में। पुलिस ने वादा किया कि दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
