करवा चौथ व्रत: प्रेमानंद महाराज ने बताया, पति की उम्र लंबी करने का फल प्रेम और श्रद्धा से मिलता है, न कि सिर्फ उपवास से
करवा चौथ व्रत: प्रेमानंद महाराज ने बताया, पति की उम्र लंबी करने का फल प्रेम और श्रद्धा से मिलता है, न कि सिर्फ उपवास से
वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज ने करवा चौथ के पवित्र व्रत को लेकर एक महत्वपूर्ण बात कही है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्रत रखने से पति की आयु लंबी होने का फल केवल श्रद्धा, प्रेम और समर्पण से प्राप्त होता है, न कि सिर्फ बाहरी उपवास या रस्मों से। महाराज जी ने कहा, “जितना लिखा है उतना जिएंगे… व्रत का फल मन की शुद्धता और पति-पत्नी के बीच सच्चे प्रेम से मिलता है।” यह बयान करवा चौथ के पारंपरिक विश्वास को नई दृष्टि देता है, जहां सुहागिनें निर्जला व्रत रखकर पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।
प्रेमानंद महाराज का यह वीडियो वृंदावन के एक सत्संग से लिया गया है, जहां उन्होंने करवा चौथ को पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाने का माध्यम बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि व्रत का असली महत्व भावनाओं में है, न कि दिखावे में। “मान से ज्यादा प्रेम जरूरी है,” महाराज जी ने कहा, “यह व्रत जीवन को स्वर्ग बनाने का मंत्र है।” उनके इस संदेश ने लाखों महिलाओं को प्रेरित किया है, जो आज पूरे देश में चांद की प्रतीक्षा कर रही हैं।
प्रेमानंद महाराज के मुख्य संदेश
– व्रत का सच्चा फल: व्रत रखने से पति की लंबी आयु का विश्वास हिंदू शास्त्रों में वर्णित है, लेकिन महाराज जी के अनुसार, यह तभी साकार होता है जब व्रत श्रद्धा और प्रेम से हो। बिना भाव के रस्में व्यर्थ हैं।
– पति-पत्नी का बंधन: यह व्रत दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने का प्रतीक है। महाराज जी ने कहा, “प्रेमानंद का जीवन ही प्रेम है, व्रत से ज्यादा रिश्ते की मजबूती महत्वपूर्ण।”
– शास्त्रीय संदर्भ: महाभारत की सावित्री-सत्यवान कथा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति से ही चमत्कार होते हैं, जो करवा चौथ की कथा का मूल है।
करवा चौथ का महत्व
करवा चौथ कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है, जब सुहागिनें सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं। शास्त्रों के अनुसार, यह व्रत पति की लंबी आयु, स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है। आज चांद निकलने का समय दिल्ली में रात 8:05 बजे है। प्रेमानंद महाराज का संदेश महिलाओं को याद दिलाता है कि त्योहार का मूल प्रेम और समर्पण है, जो जीवन को सुखी बनाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि महाराज जी का यह उपदेश आधुनिक जीवन में रिश्तों को मजबूत करने का संदेश देता है। यदि आप करवा चौथ मना रही हैं, तो प्रेमानंद महाराज के मंत्र को अपनाएं – प्रेम से जीवन स्वर्ग बनेगा। अधिक जानकारी के लिए उनके आधिकारिक चैनल पर वीडियो देखें।
