बिहार सियासत में भूचाल: JDU के पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने दिया इस्तीफा, तेजस्वी के साथ थामा RJD का हाथ; धमदाहा सीट पर लेसी सिंह को चुनौती?
बिहार सियासत में भूचाल: JDU के पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने दिया इस्तीफा, तेजस्वी के साथ थामा RJD का हाथ; धमदाहा सीट पर लेसी सिंह को चुनौती?
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले राजनेताओं के बीच दल-बदल का सिलसिला तेज हो गया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) को बड़ा झटका लगते ही पूर्व सांसद संतोष कुमार कुशवाहा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का दामन थाम लिया। शुक्रवार सुबह पटना में RJD नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद कुशवाहा ने आधिकारिक तौर पर पार्टी सदस्यता ग्रहण की। माना जा रहा है कि वे धमदाहा विधानसभा सीट से JDU की मंत्री लेसी सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं, जो सीमांचल क्षेत्र में NDA को कमजोर कर सकता है।
संतोष कुशवाहा, जो 2014 में पूर्णिया से JDU के टिकट पर सांसद चुने गए थे, ने 2024 लोकसभा चुनाव में पप्पू यादव (कांग्रेस) से हार का सामना किया था। JDU में असंतोष के चलते उन्होंने इस्तीफा दिया। तेजस्वी यादव ने स्वागत करते हुए कहा, “संतोष जी जैसे कुशवाहा समाज के योद्धा का स्वागत है। बिहार की जनता के हित में उनका साथ मजबूती देगा।” कुशवाहा ने कहा, “JDU में जातिगत न्याय और विकास के वादे अधूरे रहे। RJD के साथ मिलकर हम सच्ची परिवर्तन लाएंगे।”
घटना की मुख्य जानकारी
– इस्तीफा और शामिल होना: 10 अक्टूबर को JDU से औपचारिक इस्तीफा, RJD में तेजस्वी की मौजूदगी में शामिल।
– संभावित सीट: धमदाहा (भागलपुर जिला), जहां JDU की लेसी सिंह विधायक हैं। कुशवाहा की उम्मीदवारी से RJD का सीमांचल में प्रभाव बढ़ेगा।
– राजनीतिक पृष्ठभूमि: कुशवाहा कुशवाहा (OBC) समुदाय से हैं, जो बिहार में NDA का मजबूत वोट बैंक है। 2020 विधानसभा चुनाव में JDU ने धमदाहा से लेसी सिंह को जिताया था।
– JDU का रिएक्शन: JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “यह व्यक्तिगत फैसला है। पार्टी मजबूत है, और नीतीश जी का NDA अटल।” लेकिन सीमांचल में यह झटका NDA के लिए चिंता का विषय है।
बिहार चुनाव पर असर
यह घटना महागठबंधन को मजबूत करने का संकेत है, जहां RJD 144 सीटों पर लड़ेगी। 2024 लोकसभा में RJD ने 4 सीटें जीतीं, जबकि JDU को 12 मिलीं। विशेषज्ञों का मानना है कि कुशवाहा का RJD में जाना OBC वोटों को बांट सकता है, खासकर कुशवाहा समाज में। तेजस्वी ने कहा, “हम जातिगत जनगणना और युवा रोजगार पर फोकस करेंगे।”
JDU को हाल ही में उपेंद्र कुशवाहा जैसे अन्य नेताओं के इस्तीफे का सामना करना पड़ा था, लेकिन संतोष का कदम विधानसभा स्तर पर ज्यादा असरदार लग रहा है। राजनीतिक हलकों में अटकलें हैं कि और JDU विधायक RJD की ओर रुख कर सकते हैं। स्थिति पर नजर बनी हुई है.
