‘He deserves it’: नेतन्याहू ने ट्रंप को पहनाया ‘शांति का नोबेल’, AI-जनरेटेड फोटो शेयर कर दी बधाई
‘He deserves it’: नेतन्याहू ने ट्रंप को पहनाया ‘शांति का नोबेल’, AI-जनरेटेड फोटो शेयर कर दी बधाई
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की मांग करते हुए एक AI-जनरेटेड फोटो शेयर की है, जिसमें वे ट्रंप को मेडल पहना रहे हैं। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट की गई इस फोटो के साथ कैप्शन है: “Give @realDonaldTrump the Nobel Peace Prize – he deserves it!” (ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दो – वे इसके हकदार हैं!)। यह पोस्ट गाजा में इजरायल-हमास के बीच युद्धविराम और बंधकों की रिहाई की घोषणा के ठीक बाद आया है, जिसे ट्रंप की मध्यस्थता का श्रेय दिया जा रहा है। नोबेल पुरस्कार की घोषणा कल (10 अक्टूबर) होनी है, और यह पोस्ट ट्रंप की पुरस्कार की दौड़ को मजबूत करने का प्रयास माना जा रहा है।
पोस्ट का विवरण: AI फोटो का जादू
फोटो में ट्रंप एक भीड़ के बीच खड़े हैं, हाथ फैलाए खुशी से मुस्कुराते हुए, और उनके गले में एक बड़ा सुनहरा मेडल लटका है, जो नोबेल शांति पुरस्कार जैसा दिखता है। नेतन्याहू उनके बगल में खड़े हैं, जैसे मेडल पहना रहे हों। यह AI-टूल से बनी इमेज है, जो वायरल हो गई है। पोस्ट को 50,000 से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं, और ट्रंप ने रीपोस्ट कर लिखा: “Thanks Bibi! Let’s make peace great again!”।
नेतन्याहू ने पोस्ट में कहा कि गाजा युद्धविराम ट्रंप की “मजबूत कूटनीति” का नतीजा है। इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग और विपक्षी नेता यैर लैपिड ने भी ट्रंप को नोबेल के लिए नामित करने की मांग की है। बंधक परिवारों ने कहा, “ट्रंप ने हमें अंधेरे में रोशनी दी।”
पृष्ठभूमि: ट्रंप की नोबेल दौड़
ट्रंप लंबे समय से नोबेल शांति पुरस्कार की चाहत रखते हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने 8 युद्ध रोके, जैसे भारत-पाकिस्तान, सर्बिया-कोसोवो और इथियोपिया-मिस्र। नेतन्याहू ने जुलाई 2025 में व्हाइट हाउस में ट्रंप को नामांकन पत्र सौंपा था। पाकिस्तान, अजरबैजान, रवांडा और कंबोडिया सरकारों ने भी नामित किया। लेकिन नॉर्वेजियन नोबेल कमिटी ने कहा कि नामांकन गोपनीय रहते हैं, और ट्रंप की दावेदारी पर बहस है।
पॉलीमार्केट पर ट्रंप की जीत की संभावना 2.4% है। ओबामा (2009) के बाद कोई अमेरिकी राष्ट्रपति नहीं जीता। नेतन्याहू का यह पोस्ट ट्रंप की 2024 चुनावी उम्मीदवारी को भी बूस्ट दे सकता है।
प्रतिक्रियाएं: सराहना और विवाद
– ट्रंप समर्थक: “ट्रंप ही शांति के सच्चे योद्धा हैं!” (एक्स पर ट्रेंड #TrumpForNobel)।
– विपक्ष: डेमोक्रेट्स ने इसे “फ्लैटरी” बताया। पूर्व ओबामा सलाहकार डेविड एक्सेलरोड ने कहा, “नेतन्याहू जैसे लोग आसान पहेली सुलझाते हैं।”
– विशेषज्ञ: CNN के अनुसार, यह गाजा डील को मजबूत करने का प्रयास है, लेकिन नोबेल कमिटी दबाव में नहीं आएगी।
यह पोस्ट मिडिल ईस्ट शांति प्रयासों को हाइलाइट करता है, लेकिन AI की भूमिका पर बहस छेड़ दी है।
