कटक में दुर्गा मूर्ति विसर्जन पर बवाल: हाईवे पर आगजनी, छतों से पथराव; DCP समेत 6 घायल, 6 गिरफ्तार, इंटरनेट बंद
कटक में दुर्गा मूर्ति विसर्जन पर बवाल: हाईवे पर आगजनी, छतों से पथराव; DCP समेत 6 घायल, 6 गिरफ्तार, इंटरनेट बंद
ओडिशा के कटक शहर में शनिवार तड़के (4 अक्टूबर) दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान दो गुटों के बीच हिंसक झड़प ने भाईचारे की नगरी को शर्मसार कर दिया। डीजे संगीत और नारेबाजी को लेकर शुरू हुई नोकझोंक हाईवे पर आगजनी, छतों से पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ में बदल गई। इस बवाल में कटक के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) ऋषिकेश खिल्लरी समेत 6 लोग घायल हो गए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया, जबकि 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। घटना के बाद शहर में तनाव फैल गया, जिसके चलते रविवार को 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। वीएचपी ने सोमवार को कटक बंद का ऐलान किया है।
हिंसा की शुरुआत शनिवार तड़के करीब 1:30 से 2 बजे के बीच दरघा बाजार क्षेत्र के हाथी पोखरी इलाके में हुई। झंजीरिमंगला भगवत साही पूजा कमेटी की मूर्ति विसर्जन जुलूस देवीगड़ा (कटजोड़ी नदी तट) की ओर बढ़ रही थी। जुलूस में डीजे पर तेज संगीत और नारे लगाने पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई। बहस बढ़ने पर एक गुट ने छतों से पत्थर और कांच की बोतलें फेंकीं, जबकि दूसरे पक्ष ने हाईवे पर वाहनों में आग लगा दी। इस दौरान सड़क किनारे के स्टॉल और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। स्थिति बेकाबू होने पर DCP ऋषिकेश खिल्लरी और उनकी टीम मौके पर पहुंची, लेकिन पथराव में DCP को आंख में चोट लगी। अन्य घायलों में पूजा कमेटी के सदस्य और पुलिसकर्मी शामिल हैं।
पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर जुलूस को नियंत्रित किया, लेकिन घटना के बाद पूजा कमेटी के सदस्यों ने धरना दे दिया। मांग की कि हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। करीब 4 घंटे तक 50 से अधिक मूर्तियों का विसर्जन रुक गया। कटक पुलिस कमिश्नर सौरभ गर्ग ने बताया, “डार्घा बाजार थाने में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वीडियो फुटेज से और गिरफ्तारियां होंगी। अतिरिक्त फोर्स तैनात है।” घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां DCP की हालत स्थिर बताई गई।
घटना के बाद शहर में तनाव बढ़ गया। रविवार को ओडिशा सरकार ने कटक में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं (व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स आदि) निलंबित कर दीं, ताकि अफवाहें न फैलें। वीएचपी ने सोमवार को कटक बंद का ऐलान किया, जबकि बीजू जनता दल (BJD) ने इसे “असामाजिक तत्वों की साजिश” बताते हुए निंदा की। पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, “कटक भाईचारे का शहर है, ऐसी घटना चिंताजनक है। शांति बनाए रखें।” मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने घायलों के लिए मुफ्त इलाज का ऐलान किया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का वादा किया।
कटक, जो दुर्गा पूजा के लिए प्रसिद्ध है, में विसर्जन जुलूस हमेशा शांतिपूर्ण रहते हैं। इस बार संगीत विवाद ने सांप्रदायिक रंग ले लिया, जिसकी आशंका से संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू जैसे आदेश लगाए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियमों का पालन न होने से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। पुलिस ने सभी पूजा कमेटियों से अपील की है कि शांति बनाए रखें। यह घटना ओडिशा में सांप्रदायिक सद्भाव पर सवाल खड़ी कर रही है।
