J-K प्रशासन ने घाटी के 7 पर्यटन स्थलों को खोला, पहलगाम अटैक के बाद किए गए थे बंद
J-K प्रशासन ने घाटी के 7 पर्यटन स्थलों को खोला, पहलगाम अटैक के बाद किए गए थे बंद
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुरक्षा समीक्षा के बाद कश्मीर घाटी के सात प्रमुख पर्यटन स्थलों को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया है। ये स्थल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सावधानी के तौर पर बंद किए गए थे, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों समेत कई लोगों की जान चली गई थी। लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को यूनिफाइड हेडक्वार्टर्स (UHQ) बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी, जो 29 सितंबर से प्रभावी हो गया। जम्मू डिवीजन में भी पांच स्थलों को खोला गया है, जिससे कुल 12 पर्यटन स्थलों पर ताला खुल गया।
खोले गए कश्मीर घाटी के सात पर्यटन स्थल
पहलगाम क्षेत्र के आसपास के ये लोकप्रिय स्पॉट अब पर्यटकों के लिए उपलब्ध हैं:
– अरू वैली (Aru Valley): लिद्दर नदी के किनारे स्थित यह घाटी ट्रेकिंग और नेचर वॉक के लिए प्रसिद्ध है।
– राफ्टिंग पॉइंट यानर (Rafting Point Yanner): रिवर राफ्टिंग प्रेमियों का पसंदीदा स्थान।
– अक्कड़ पार्क (Akkad Park): प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पार्क।
– पादशाही पार्क (Padshahi Park): ऐतिहासिक महत्व वाला हरियाली क्षेत्र।
– कमान पोस्ट (Kaman Post): सीमा के पास स्थित पिकनिक स्पॉट।
– बीजबेढ़ा (Bijbehara): जफ्फर नाला के किनारे फूलों का बागान।
– दारा शिकोह गार्डन (Dara Shikoh Garden): मुगलकालीन बाग, जहां ऐतिहासिक महत्व के साथ शांति का अनुभव होता है।
ये स्थल अप्रैल 22 को बैसरन घास के मैदान में हुए हमले के बाद बंद किए गए थे, जब पाकिस्तानी आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। हमले के बाद लगभग 48 पर्यटन स्थलों को सुरक्षा ऑडिट के लिए बंद कर दिया गया था। जून में 16 स्थलों को चरणबद्ध तरीके से खोला गया था, और अब सुरक्षा स्थिति में सुधार को देखते हुए ये सात और खोले गए हैं।
जम्मू डिवीजन के पांच स्थल भी खुले
जम्मू क्षेत्र में भी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ये स्थल खोले गए हैं:
– डागन टॉप (Dagan Top), रामबन: ऊंचाई पर स्थित ट्रेकिंग पॉइंट।
– धग्गर (Dhaggar), कठुआ: प्राकृतिक झरनों वाला क्षेत्र।
– शिव गुफा, सलाल (Shiv Cave in Salal), रीसी: धार्मिक महत्व की गुफा।
– दो अन्य स्थल (जिनकी विस्तृत जानकारी जारी): स्थानीय पर्यटन को प्रोत्साहन।
LG सिन्हा का बयान और सुरक्षा समीक्षा
लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, “विस्तृत सुरक्षा समीक्षा और UHQ बैठक के बाद, मैंने कश्मीर और जम्मू डिवीजन के और पर्यटन स्थलों को खोलने का आदेश दिया है, जो सावधानी के तौर पर अस्थायी रूप से बंद थे।” उन्होंने जोर दिया कि यह फैसला पर्यटन को पुनर्जीवित करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लिया गया है। बैठक में सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति की समीक्षा की, जिसमें कोई खतरा न होने की पुष्टि हुई।
पर्यटन पर हमले का असर और वर्तमान स्थिति
पहलगाम हमले ने जम्मू-कश्मीर के पर्यटन उद्योग को गहरा झटका दिया था, जो राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ है। हमले के बाद पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई, और वैष्णो देवी यात्रा भी प्रभावित हुई। लेकिन सरकार की कोशिशों से अब रिकवरी हो रही है। जून में बेटाब वैली, कोकेरनाग गार्डन जैसे स्थलों को खोलने के बाद पर्यटकों का प्रवाह बढ़ा। अब इन सात स्थलों के खुलने से विशेष रूप से पहलगाम क्षेत्र को फायदा होगा, जहां स्थानीय होटल, गाइड और हस्तशिल्प विक्रेता प्रभावित हुए थे।
पर्यटन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले मौसम और सुरक्षा अपडेट चेक करें। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम नॉर्मलसी बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, लेकिन लंबे समय तक शांति बनाए रखना जरूरी। क्या आप भी कश्मीर घूमने की योजना बना रहे हैं? इन नए खुले स्पॉट्स का आनंद लें!
