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शुरुआती उछाल के बाद बाजार में गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में बंद

शुरुआती उछाल के बाद बाजार में गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में बंद

भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को शुरुआती तेजी के साथ कारोबार शुरू किया, लेकिन दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स और निफ्टी रेड जोन में बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 80,800 के पार पहुंचने के बाद 61 अंक (0.08%) की गिरावट के साथ 80,753.21 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स मामूली 13 अंक (0.05%) की गिरावट के साथ 24,665.50 पर फ्लैट बंद हुआ। बाजार की यह कमजोरी वैश्विक संकेतों, मुनाफावसूली और चुनिंदा शेयरों में बिकवाली के दबाव के कारण देखी गई।

बाजार की शुरुआत और गिरावट का कारण

सुबह सेंसेक्स और निफ्टी ने ग्लोबल मार्केट्स के सकारात्मक रुझानों, खासकर जापान के निक्की 225 और दक्षिण कोरिया के कोस्पी में तेजी से प्रेरित होकर अच्छी शुरुआत की। सेंसेक्स एक समय 81,000 के करीब पहुंच गया था, लेकिन दोपहर बाद बैंकिंग और टेलीकॉम शेयरों में बिकवाली ने बाजार को नीचे खींच लिया। विशेषज्ञों ने बताया कि ट्रंप टैरिफ की अनिश्चितता और एशियाई बाजारों में मिलेजुले रुख ने निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित किया। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के विनोद नायर ने कहा, “अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों की कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार की तेजी को सीमित किया।”

टॉप गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स में शामिल शेयरों में से एक्सिस बैंक, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, कोचीन शिपयार्ड, और श्रीराम फाइनेंस सबसे ज्यादा टूटे, जिनमें 2-3% तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो, और JSW स्टील में बढ़त देखी गई। निफ्टी में श्रीराम फाइनेंस 2.98% गिरकर 3,161.45 रुपये पर बंद हुआ। दूसरी ओर, ऑटो सेक्टर में मारुति सुजुकी और महिंद्रा एंड महिंद्रा ने हल्की बढ़त बनाए रखी।

ग्लोबल मार्केट का असर

एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख रहा। जापान का निक्की 225 1.39% चढ़ा, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कम्पोजिट नुकसान में रहे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को नकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को 11,756.25 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जो बिकवाली के दबाव को दर्शाता है।

निवेशकों की नजर भविष्य पर

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप टैरिफ की अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका बाजार पर दबाव बनाए रख सकती है। हालांकि, भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि और नीति आयोग के दावे कि भारत जापान को पछाड़कर चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, निवेशकों में कुछ भरोसा जगाता है। अगले कुछ दिन बाजार के लिए महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि निवेशक घरेलू खपत और कॉर्पोरेट आय के आंकड़ों पर नजर रखेंगे। क्या आप भी शेयर बाजार में निवेश की योजना बना रहे हैं? अपने पोर्टफोलियो को लेकर सतर्क रहें!

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