पीएम मोदी को मिले उपहारों की ई-नीलामी: पश्मीना शॉल पर सबसे ज्यादा बोली, 10.39 लाख से शुरू!
पीएम मोदी को मिले उपहारों की ई-नीलामी: पश्मीना शॉल पर सबसे ज्यादा बोली, 10.39 लाख से शुरू!
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर संस्कृति मंत्रालय ने सातवीं बार ‘प्रधानमंत्री के स्मृति चिन्हों की ई-नीलामी’ की शुरुआत की है। इसमें पीएम को विभिन्न कार्यक्रमों और विदेश यात्राओं से प्राप्त 1,300 से अधिक दुर्लभ उपहारों को ऑनलाइन नीलाम किया जा रहा है। नीलामी 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगी, और इससे प्राप्त राशि ‘नमामि गंगे’ परियोजना के लिए जाएगी। सबसे ज्यादा चर्चा में जम्मू-कश्मीर की हैंड-एम्ब्रॉयर्ड पश्मीना शॉल है, जिस पर सबसे ऊंची शुरुआती बोली 10.39 लाख रुपये लगी है।
नीलामी में शामिल अन्य आकर्षक वस्तुओं में अयोध्या राम मंदिर का मॉडल, तंजौर पेंटिंग ऑफ राम दरबार, गुजरात की रोगन आर्ट ‘ट्री ऑफ लाइफ’, धातु की नटराज प्रतिमा, नागा हैंडवूवन शॉल और पेरिस पैरालंपिक 2024 के मेडलिस्ट्स द्वारा भेंट किए गए स्पोर्ट्स मेमोरेबिलिया शामिल हैं। पैरालंपियन अजीत सिंह के जेवलिन थ्रो स्पाइक शूज और सिमरन शर्मा के शूज की शुरुआती कीमत 7.70 लाख रुपये है। सबसे महंगी वस्तु महाराष्ट्र की तुलजा भवानी देवी की मूर्ति है, जिसकी बेस प्राइस 1.03 करोड़ रुपये रखी गई है। न्यूनतम बोली वाली वस्तुओं में उत्तराखंडी टोपी और एंगवस्त्र जैसे आइटम 700 रुपये से शुरू हो रहे हैं।
पीएम मोदी ने खुद ट्वीट कर लोगों से नीलामी में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा, “ये उपहार भारत की सांस्कृतिक विविधता और प्रतिभा का प्रतीक हैं। आपकी बोली से गंगा की स्वच्छता में योगदान बनेगा।” वस्तुएं वर्तमान में नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए), नई दिल्ली में प्रदर्शित हैं, जहां लोग इन्हें देखकर बोली लगा सकते हैं। नीलामी की वेबसाइट pmmementos.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कर बोली लगाई जा सकती है।
पिछली नीलामियों में भी शानदार सफलता मिली थी। 2019 में 2,772 वस्तुओं से 15 करोड़, 2021 में नीरज चोपड़ा के जेवलिन से 1.5 करोड़ और 2023 में 11 करोड़ रुपये इकट्ठा हुए। 2024 की नीलामी में महज 2 करोड़ आए, लेकिन इस बार उम्मीदें ज्यादा हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नीलामी न केवल धन जुटाती है, बल्कि जनता को पीएम के कार्यों से जोड़ती भी है।
