उत्तराखंड

डोईवाला में बड़ा हादसा टला: लच्छीवाला फ्लाईओवर पर दौड़ती 108 एंबुलेंस में लगी भीषण आग, मरीज सहित सभी सुरक्षित

डोईवाला में बड़ा हादसा टला: लच्छीवाला फ्लाईओवर पर दौड़ती 108 एंबुलेंस में लगी भीषण आग, मरीज सहित सभी सुरक्षित

देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून जिले में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। डोईवाला के लच्छीवाला फ्लाईओवर पर मरीज को लेकर सरपट दौड़ रही 108 आपातकालीन एंबुलेंस में अचानक आग लग गई। चलते वाहन में धुआं उड़ते ही ड्राइवर ने फुर्ती दिखाते हुए वाहन रोक दिया और मरीज सहित स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में एंबुलेंस जलकर राख हो गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह नष्ट हो चुका था। इस घटना से हाईवे पर हड़कंप मच गया और ट्रैफिक जाम हो गया। सौभाग्य से किसी प्रकार की जानमाल की हानि नहीं हुई।

घटना शनिवार शाम करीब 5:30 बजे देहरादून-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर लच्छीवाला फ्लाईओवर के ऊपर हुई। 108 एम्बुलेंस भानियावाला क्षेत्र से मरीज को लेकर हरिद्वार के नजदीक एक अस्पताल की ओर जा रही थी। फ्लाईओवर पर चढ़ते ही इंजन से धुआं निकलने लगा और अचानक आग की लपटें भड़क उठीं। एंबुलेंस ड्राइवर रवि कुमार ने बताया, “मैंने स्मेल महसूस की तो तुरंत ब्रेक लगाया। मरीज को स्ट्रेचर समेत बाहर निकाला और स्टाफ को भी सुरक्षित जगह पहुंचाया। आग इतनी तेज थी कि वाहन को बचाना असंभव था।” मरीज, एक 45 वर्षीय महिला, को स्थानीय एक अन्य एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। एंबुलेंस में दो पैरामेडिकल स्टाफ भी सवार थे, जो बाल-बाल बच गए।

सूचना मिलते ही डोईवाला थाने की पुलिस और निकटतम फायर स्टेशन से दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड के इंस्पेक्टर ने बताया, “आग इंजन के शॉर्ट सर्किट से लगी लगती है। हमने दो गाड़ियों से 20 मिनट की मशक्कत के बाद आग बुझाई। वाहन में ऑक्सीजन सिलेंडर होने के कारण विस्फोट का खतरा था, लेकिन समय रहते सब कुछ खाली कर लिया गया।” पुलिस ने वाहन को क्रेन से हटवाया और ट्रैफिक को बहाल किया। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का मुख्य कारण बताया जा रहा है, लेकिन वाहन की सर्विसिंग और रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं। एसएसपी क्राइम देहरादून ने कहा, “हमने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 108 सेवा प्रदाता कंपनी से भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।”

यह घटना 108 आपातकालीन सेवाओं की सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़ी कर रही है। उत्तराखंड में पिछले एक साल में ऐसी तीन घटनाएं हो चुकी हैं, जहां एंबुलेंस में तकनीकी खराबी से आग लगी। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने वाहनों की मेंटेनेंस और नियमित इंस्पेक्शन की कमी ऐसी दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है। स्थानीय निवासी रमेश ने कहा, “फ्लाईओवर पर स्पीड ज्यादा रहती है, अगर आग बाद में लगती तो बड़ा हादसा हो जाता। सरकार को तुरंत एंबुलेंस फ्लीट को अपग्रेड करना चाहिए।” स्वास्थ्य विभाग ने जांच पूरी होने तक प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त एंबुलेंस तैनात करने का ऐलान किया है।

इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की मजबूती पर बहस छेड़ दी है। क्या राज्य सरकार अब कड़े कदम उठाएगी? पीड़ित परिवार ने राहत व्यक्त की, लेकिन मांग की कि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।

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