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जीएसटी 2.0 का तोहफा: पीएम मोदी का राष्ट्र संबोधन, बचत उत्सव से बनेगा विकसित भारत

जीएसटी 2.0 का तोहफा: पीएम मोदी का राष्ट्र संबोधन, बचत उत्सव से बनेगा विकसित भारत

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए जीएसटी सुधारों को ‘नए युग का सुधार’ करार दिया, जो 22 सितंबर से लागू हो रहे हैं। आकाशवाणी और दूरदर्शन के माध्यम से प्रसारित इस 20 मिनट के संबोधन में पीएम ने कहा, “यह जीएसटी बचत उत्सव की शुरुआत है, जो आम आदमी से लेकर व्यापारी तक सभी को लाभ पहुंचाएगा। स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर हम आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार करेंगे।” संबोधन नवرات्री के पहले दिन से ठीक पहले आया, जिसे पीएम ने ‘दोगुनी खुशहाली का अवसर’ बताया। उन्होंने 2017 के जीएसटी कार्यान्वयन को याद करते हुए कहा कि पुरानी जटिल कर प्रणाली से मुक्ति मिली, और अब जीएसटी 2.0 अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।

पीएम मोदी ने सुधारों के प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि चार स्लैब (5%, 12%, 18% और 28%) की जटिल संरचना को सरल बनाकर दो मुख्य स्लैब – 5% और 18% – में बदल दिया गया है। 28% स्लैब को हटाने से एयर कंडीशनर, टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और कार जैसे बड़े सामान सस्ते हो जाएंगे। “अब लोग दिवाली पर इन वस्तुओं को आसानी से खरीद सकेंगे, जिससे बाजार में मांग बढ़ेगी,” उन्होंने कहा। इनकम टैक्स छूट के साथ मिलाकर इस साल लोगों को 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी। पीएम ने उदाहरण दिया कि एक मध्यमवर्गीय परिवार अब सालाना 10-15 हजार रुपये बचा सकेगा, जो शिक्षा या स्वास्थ्य पर खर्च कर सकेगा। यह सुधार न केवल उपभोक्ताओं को राहत देगा, बल्कि व्यापारियों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ाएगा।

आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए पीएम ने एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) की भूमिका को रेखांकित किया। “विकसित भारत का मार्ग आत्मनिर्भरता से होकर जाता है। एमएसएमई हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इन सुधारों से वे गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाकर वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे,” उन्होंने कहा। उन्होंने अपील की कि लोग ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को अपनाएं और स्वदेशी सामान खरीदें। “जो वस्तु भारत बना सकता है, उसे आयात क्यों करें? इससे रोजगार बढ़ेंगे और विदेशी मुद्रा बचेगी।” पीएम ने ग्रामीण उद्यमियों का उदाहरण दिया, जहां एक गुजराती महिला उद्यमी ने जीएसटी रिफंड से अपना हस्तशिल्प व्यवसाय दोगुना कर लिया। यह सुधार टेक्सटाइल, फार्मा और उपभोक्ता सामान क्षेत्रों को विशेष रूप से लाभ पहुंचाएंगे, जहां कर दरें 12% से घटाकर 5-8% कर दी गई हैं।

संबोधन में पीएम ने विपक्षी सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने यूपीए शासनकाल को याद करते हुए कहा, “पुरानी सरकारों में करों का जाल था, जो व्यापारियों को उलझाता था। हमने जटिलताओं को समाप्त किया।” उन्होंने जोर दिया कि ये सुधार ‘नागरिक देवो भव’ की भावना पर आधारित हैं, जहां कर प्रणाली सरल और पारदर्शी हो। जीएसटी काउंसिल की 3 सितंबर की बैठक का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि यह निर्णय आम आदमी को ध्यान में रखकर लिया गया, जो गरीब, नव-मध्यम वर्ग, किसान, महिलाओं और युवाओं सभी को लाभ देगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन सुधारों से जीडीपी वृद्धि 1-2% बढ़ सकती है, और निवेश आकर्षित होगा।

इस संबोधन ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इसे ‘लोगों के लिए तोहफा’ बताया, जबकि विपक्ष ने फिस्कल घाटे पर सवाल उठाए। फिर भी, बाजारों में उत्साह दिखा – शेयर बाजार में उपभोक्ता सामान कंपनियों के स्टॉक 3-5% ऊपर बंद हुए। पीएम ने अंत में कहा, “ये सुधार भारत की विकास यात्रा को तेज करेंगे। आइए, हम सब मिलकर विकसित भारत 2047 का निर्माण करें।” यह संबोधन न केवल आर्थिक राहत का वादा करता है, बल्कि राष्ट्रीय एकता का संदेश भी देता है। क्या जीएसटी 2.0 वाकई ‘बचत उत्सव’ साबित होगा? आने वाले महीने इसका प्रमाण देंगे।

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